@शब्द दूत ब्यूरो (29 सितंबर 2026)
चम्पावत। उत्तराखंड के सीमांत जिले चम्पावत के युवाओं को अग्निवीर भर्ती की तैयारी के लिए अब विशेष प्रशिक्षण सुविधा मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शौर्य चक्र और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित सेवानिवृत्त कर्नल अजय कोठियाल की संस्था यूथ फाउंडेशन चम्पावत जिले में चार माह का अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण कैंप लगाने जा रही है। कैंप की गतिविधियां विजयदशमी के दिन से शुरू किए जाने की तैयारी है।
कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इच्छा है कि सीमांत क्षेत्रों के अधिक से अधिक युवा सेना में अग्निवीर के रूप में शामिल होकर राष्ट्र की सुरक्षा में अपना योगदान दें। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यूथ फाउंडेशन को चम्पावत में विशेष प्रशिक्षण कैंप संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। कैंप में चम्पावत और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को सेना भर्ती की तैयारियों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अग्निवीर भर्ती की तैयारी करने के इच्छुक युवाओं का जल्द ही शारीरिक परीक्षण लिया जाएगा। इस परीक्षण में निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले युवाओं को चार माह के कठिन प्रशिक्षण वर्ग में शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सेना भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की तैयारी कराई जाएगी।
कर्नल कोठियाल के अनुसार कैंप में केवल दौड़ और शारीरिक दक्षता पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि सेना भर्ती से संबंधित लिखित परीक्षा सहित विभिन्न चरणों की भी तैयारी कराई जाएगी। युवाओं को दौड़, शारीरिक दक्षता, अनुशासन और अन्य आवश्यक परीक्षणों का नियमित अभ्यास कराया जाएगा, ताकि वे भर्ती प्रक्रिया के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
यूथ फाउंडेशन के अनुसार वर्तमान में गढ़वाल क्षेत्र में सात स्थानों पर प्रशिक्षण कैंप संचालित किए जा रहे हैं, जहां करीब 751 युवा अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। संस्था का दावा है कि वह अब तक भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती की तैयारी करने वाले 15 हजार से अधिक युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में सहयोग कर चुकी है।
कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि यूथ फाउंडेशन की ओर से लगाए जाने वाले प्रशिक्षण कैंप युवाओं के लिए निशुल्क होते हैं। प्रशिक्षण के दौरान भोजन सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी संस्था की ओर से की जाती रही है। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी में संसाधनों की कमी बाधा न बने, इसी उद्देश्य से इस तरह के कैंप संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने पिछले प्रशिक्षण कैंपों का उदाहरण देते हुए बताया कि पिछली बार उनके कैंपों में 752 युवा प्रशिक्षण के लिए पहुंचे थे, जिनमें से 702 युवाओं का सेना में चयन हुआ। शेष युवाओं ने पैरा मिलिट्री और पुलिस सेवाओं में भर्ती के लिए अपनी तैयारी और परीक्षाओं में भाग लिया।
कर्नल कोठियाल ने कहा कि अग्निवीर योजना को लेकर युवाओं में किसी तरह का संशय नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार चार वर्ष की सेना सेवा पूरी करने के बाद युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को लेकर सरकार की ओर से विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। उनका जोर इस बात पर है कि युवा भर्ती की तैयारी को गंभीरता से लें और निर्धारित शारीरिक व शैक्षिक मानकों को पूरा करने के लिए नियमित अभ्यास करें।
चम्पावत में प्रस्तावित चार माह का यह प्रशिक्षण कैंप सीमांत क्षेत्र के उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जो सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते हैं। अब कैंप शुरू होने के साथ ही जिले और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण, अभ्यास और मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा।
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