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काशीपुर :आईएमए उत्तराखंड ने भी आयुष चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति पर विरोध जताया

काशीपुर । उत्तराखंड आईएमए एसोसिएशन ने आयुष चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देने पर अपना विरोध जताया है। आज यहाँ रामनगर रोड स्थित आईएमए कार्यालय कल्याणम में चिकित्सकों की शीर्ष संस्था आईएमए के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष डा ए के सिरोही ने एक पत्रकार सम्मेलन  में केंद्र सरकार के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सरकार के इस कदम को लेकर कहा कि इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे। बता दें कि आयुष मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाली संस्था सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआइएम) ने आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी करने की अनुमति दी है।

पत्रकारों से बात करते हुए आईएमए के राज्य पदाधिकारियों ने कहा कि वह सीसीआइएम से अपने फैसले को वापस लेने का अनुरोध करते हैं। हालांकि वापस न लिया जाये तो फिर आयुष चिकित्सकों के लिए अलग से शल्य चिकित्सा के मानदंड व तरीके तय किए जाएं। जो प्राचीन तरीके का आधुनिक स्वरूप हों। आयुष चिकित्सकों को आधुनिक शल्य चिकित्सा के उस तरीके से न जोड़ा जाए जिसे एलोपैथी चिकित्सक प्रयोग में लाते हैं। पत्रकार वार्ता में नरेश मेहरोत्रा, डा डी के अग्रवाल, डा रवि सिंघल तथा डा अनुराग वर्मा उपस्थित थे। 

पाठकों को बता दें कि सीसीआइएम की जारी अधिसूचना में स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण आयुर्वेद चिकित्सकों को खास प्रशिक्षण के बाद ऑपरेशन के जरिये चिकित्सा की अनुमति दी गई है।अधिसूचना में 58 तरह के ऑपरेशन करने की आयुर्वेद चिकित्सकों को अनुमति दी गई है। इनमें आंख, कान, नाक, गला, कई हड्डियों आदि के ऑपरेशन हैं। आइएमए ने कहा है कि नई व्यवस्था स्थापित करने में वह किसी तरह का सहयोग नहीं देगी, क्योंकि वह उसे उचित नहीं मानती। अगर लोगों को डॉक्टर बनाने का यह छोटा रास्ता अपनाया गया तो फिर एनईईटी (नीट) जैसी परीक्षा का क्या औचित्य रह जाएगा? इससे चिकित्सकों की पहचान और उनके सम्मान पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

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