@शब्द दूत ब्यूरो (16 जून 2026)
नई दिल्ली। वर्षों से लंबित किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में बड़ी सहमति बनी। बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति व्यक्त की। एमओयू संपन्न होने के बाद परियोजना को अंतिम अनुमोदन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय जल शक्ति सचिव, विद्युत मंत्रालय के सचिव तथा दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों सहित विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना के जल घटक की लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार केंद्रीय सहायता के रूप में वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत व्यय छह संबंधित राज्यों द्वारा साझा किया जाएगा।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के विद्युत घटक की लागत में हिस्सेदारी के बदले हिमाचल प्रदेश को आवंटित जल का एक भाग दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। सरकार का मानना है कि यह निर्णय यमुना नदी के पुनर्जीवन और उसके स्वच्छ एवं निर्मल प्रवाह को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा ‘संवाद से समाधान’ की नीति के तहत वर्षों से लंबित राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया गया। अधिकारियों के अनुसार किशाऊ परियोजना के क्रियान्वयन से जल प्रबंधन, पेयजल उपलब्धता, सिंचाई तथा स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal