@शब्द दूत ब्यूरो (03 नवंबर 2026)
नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 12 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च के दौरान कथित हंगामे और नारेबाजी के मामले में शीर्ष अदालत 23 नवंबर को सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
यह याचिका मार्च के दौरान कथित तौर पर हुए हंगामे और नारेबाजी को लेकर दायर की गई है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। इस मार्च में राहुल गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के कई नेता मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर अदालत में याचिका दाखिल की थी। इस मामले में चार वकीलों की ओर से याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि राजनीतिक दलों और नेताओं को अदालत परिसर में जुलूस निकालने, नारेबाजी करने या किसी तरह का प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उनका तर्क है कि इस तरह की गतिविधियों से न्यायिक कामकाज प्रभावित हो सकता है और अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट परिसरों के आसपास राजनीतिक प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए एक समान दिशा-निर्देश बनाने की मांग की गई है।
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