देहरादून। चमोली जिले के बदरीनाथ से लौटते हुए पांडुकेसर की पहाड़ियों पर दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलीकॉप्टर में मृत सभी शवों की रेस्क्यू के बाद ऋषकेश एम्स में पहचान हो गई है।
पहाड़ी पर रेस्क्यू के लिए चढ़कर जाते हुए एसडीआरएफ के जवान
इसके साथ ही सभी शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। दुर्गम क्षेत्र में चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 24 घंटे बाद शवों को घटना स्थल से निकाला जा सका। घटना स्थल पर किस तरह से रेस्क्यू टीम ने जोखिमपूर्ण तरीके से शवों को निकाला यह तस्वीरों में देखा जा सकता है।
पहाड़ी से रेस्क्यू कर शवों को लाते एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एनडीआरएफ के जवान
दुर्गम एवं ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन एवं वन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान संचालित किया।
बांस की मदद से शवों को कंधे पर रखकर लेकर आते एसडीआरएफ के जवान
रेस्क्यू टीमों द्वारा कठिन पहाड़ी रास्तों पर पैदल पहुंचकर सभी छह मृतकों के पार्थिव शरीरों को बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी पार्थिव शरीरों को सड़क मार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), जोशीमठ लाया गया।
प्लास्टिक बैग में रेस्क्यू कर रखे गए शव
यहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात सभी पार्थिव शरीरों को एनटीपीसी हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश भेज दिया गया है।
सभी पार्थिव शरीरों को एनटीपीसी हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजा गया है।
सभी शव क्षत-विक्षत
बदरीनाथ में हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले पायलट और पांच यात्रियों के शव शनिवार को बरामद कर लिए गए। सभी शव क्षत-विक्षत हैं। दुर्गम रास्ते के कारण सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और वन विभाग की टीमें 24 घंटे बाद दुर्घटनास्थल पर पहुंच पाईं।
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