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लोकतंत्र के लिए काला दिन’, कांग्रेस का एलान- 8 अक्टूबर को देश भर में होगा प्रदर्शन

@शब्द दूत ब्यूरो (07 अक्टूबर 2026)

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर INDI गठबंधन के सांसदों ने बुधवार को कांग्रेस के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर में ‘लंच पॉलिटिक्स’ के बाद विपक्षी सांसद जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने निर्धारित विरोध स्थल पर प्रदर्शन करने की बात कही।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्षी सांसद बुधवार से पहले तीनों चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने से इनकार कर दिया गया। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग की ओर जाने से दिल्ली पुलिस ने रोक दिया और कहा कि वहां विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद अब निर्धारित विरोध स्थल जंतर-मंतर पर जाएंगे और वहां अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य देश को यह बताना है कि उनके लिए ज्ञानेश कुमार देश के वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं।

इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी राहुल गांधी की अगुवाई में INDI गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया था। यह धरना करीब आठ घंटे तक चला। रात करीब आठ बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कुछ नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में रात करीब 10 बजे के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया।

बुधवार को विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए चुनाव आयोग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सेंट्रल दिल्ली में स्थित रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों के पहुंचने के साथ ही चुनाव आयोग के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात दिखाई दिए। चुनाव आयोग की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों को भी बंद कर दिया गया।

विपक्षी दल एसआईआर को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी तथा ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग पर दबाव बना रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग की भूमिका और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी के ताजा बयान ने इस राजनीतिक टकराव को और तीखा कर दिया है।

बुधवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए विपक्षी सांसदों ने इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा मतदाता सूची से जुड़े अपने सवालों का जवाब मांगने का संदेश दिया।

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