इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। हालांकि, चाय दुकानदार राकेश के परिजनों ने बाद में जांच पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उसने अपनी मर्जी से रकम नहीं ली
@शब्द दूत ब्यूरो (26 अगस्त 2026)
सोनीपत। जिले के खरखौदा में रिश्वतखोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेने के लिए थाने के सामने चाय की दुकान चलाने वाले व्यक्ति को बिचौलिया बनाया गया। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) की टीम ने चाय दुकानदार राकेश को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में खरखौदा थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर हरिप्रकाश को भी गिरफ्तार किया गया है।
ब्यूरो के अनुसार, सिसाना गांव निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उसके भाई के खिलाफ एक युवती से छेड़छाड़ के संबंध में शिकायत दी गई थी। आरोप है कि मामले में समझौता कराने और कार्रवाई से बचाने के नाम पर एसआई हरिप्रकाश ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में 8 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन और बातचीत की रिकॉर्डिंग के बाद एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की।
एसीबी के जाल के तहत शिकायतकर्ता को 8 हजार रुपये लेकर खरखौदा थाने के सामने स्थित चाय की दुकान पर भेजा गया। आरोप है कि चाय दुकानदार राकेश ने एसआई के कहने पर यह रकम ली। रकम लेते ही एसीबी की टीम ने उसे पकड़ लिया और उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली।
इसी दौरान एसआई हरिप्रकाश को एसीबी की कार्रवाई की भनक लग गई। रिपोर्टों के मुताबिक वह थाना परिसर की ऊपरी मंजिल की छत पर पहुंचा और वहां से नीचे कूद गया। गिरने से उसके पैरों में गंभीर चोट आई और उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। एसीबी ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। हालांकि, चाय दुकानदार राकेश के परिजनों ने बाद में जांच पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उसने अपनी मर्जी से रकम नहीं ली थी। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। ऐसे में मामले में सामने आए आरोपों और बचाव पक्ष के दावों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
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