Breaking News

काशीपुर: नशेड़ी बेखौफ, शहर के भीतर सड़कों पर खड़े बेतरतीब वाहन से जाम, गश्त के बजाय उपलब्धियों की प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर खुश होती पुलिस

@शब्द दूत ब्यूरो (03 अगस्त 2026)

काशीपुर। चीमा चौराहा रेलवे क्रॉसिंग के पास हाल ही में एक नशेड़ी द्वारा सरेआम धारदार हथियार लहराने की घटना ने काशीपुर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि पिछले करीब एक वर्ष से इस क्षेत्र में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। शिवनगर और आसपास के मोहल्लों के निवासियों ने कई बार इस समस्या की शिकायत भी की, लेकिन हालात में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस इस समस्या से पूरी तरह अनजान नहीं है, बल्कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसा प्रतीत होता है कि इस ओर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई गई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लगातार निगरानी और गश्त की जाती तो ऐसी घटनाओं की नौबत शायद नहीं आती।

नागरिकों का यह भी कहना है कि शहर में पुलिस की मौजूदगी अक्सर प्रमुख चौराहों पर वाहन चेकिंग और चालान तक ही सीमित दिखाई देती है। यातायात नियमों का पालन कराना निश्चित रूप से आवश्यक है, लेकिन केवल चालान अभियान चलाने से कानून-व्यवस्था की सभी चुनौतियों का समाधान नहीं हो सकता। शहर के भीतरी इलाकों, रेलवे क्रॉसिंग, सुनसान स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त भी उतनी ही जरूरी है।

शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस अधिकारी कार्यालयों और चौकियों में बैठकर सूचना मिलने का इंतजार करने के बजाय नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण करें तो ऐसे मामलों पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सकती है। इससे यातायात व्यवस्था भी सुधरेगी और असामाजिक तत्वों पर भी अंकुश लगेगा।

लोगों का कहना है कि किसी घटना के बाद कार्रवाई कर प्रेस विज्ञप्ति या वीडियो जारी करने की बजाय अपराध की रोकथाम पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। अक्सर कार्रवाई के बाद यह बताया जाता है कि उच्चाधिकारियों या मुख्यमंत्री के निर्देश पर अभियान चलाकर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन नागरिकों का मानना है कि पुलिस की सबसे बड़ी सफलता अपराध होने से पहले उसे रोकने में होनी चाहिए।

चीमा चौराहे पर हुई हालिया घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि आखिर अपराधियों और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में पुलिस का कितना भय रह गया है। दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार लहराने जैसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि चीमा चौराहा, रेलवे क्रॉसिंग, शिवनगर तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, नशेड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए और सड़कों पर अवैध एवं बेतरतीब खड़े वाहनों के विरुद्ध भी नियमित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो सके।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

काशीपुर :शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी, बेटियों को समय दें माता-पिता, मुझे गर्व है मोदी के नेतृत्व वाले भारत की महिला हूँ : उर्वशी दत्त बाली

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (30 जुलाई 2026) काशीपुर। काशीपुर की प्रथम महिला …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-