@विनोद भगत
आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक दलों ने भले ही अभी औपचारिक रूप से चुनावी बिगुल न बजाया हो, लेकिन अंदरखाने बैठकों, रणनीतियों और टिकट की दावेदारी को लेकर गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। इसी कड़ी में ऊधम सिंह नगर जिले की काशीपुर विधानसभा सीट इस बार राज्य की सबसे चर्चित और ‘हॉट सीट’ बनती नजर आ रही है।
भाजपा में कई दावेदार, अंदरखाने तेज हलचल
काशीपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े चेहरे टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं। मौजूदा विधायक त्रिलोक सिंह चीमा एक बार फिर अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हुए हैं। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता राम मेहरोत्रा और आशीष गुप्ता भी संभावित दावेदारों में गिने जा रहे हैं।
इसके अलावा काशीपुर के मौजूदा मेयर दीपक बाली, जिन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का करीबी माना जाता है, भी स्थानीय राजनीति में मजबूत पकड़ रखते हैं। उनके बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं।
भाजपा के भीतर कई स्थानीय नेता अपनी-अपनी राजनीतिक गोटियां फिट करने में जुटे हैं। यही कारण है कि काशीपुर सीट को लेकर पार्टी के अंदर भी समीकरण लगातार बदलते दिखाई दे रहे हैं।
क्या काशीपुर से चुनाव लड़ सकते हैं सीएम धामी?
राजनीतिक चर्चाओं में एक और बड़ा नाम भी समय-समय पर सामने आता है—मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। काशीपुर में उनके लगातार दौरों और कार्यक्रमों को लेकर यह अटकलें भी लगाई जाती रही हैं कि भविष्य में वह यहां से चुनाव लड़ सकते हैं।
हालांकि इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर सुगबुगाहट बनी रहती है।
कांग्रेस में फिलहाल सन्नाटा, लेकिन संभावनाएं बरकरार
जहां भाजपा में कई दावेदार खुलकर सामने आ रहे हैं, वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक काशीपुर सीट के लिए किसी एक नाम को लेकर स्पष्ट स्थिति नहीं है।
हालांकि हाल के समय में अनुपम शर्मा का नाम कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार के रूप में तेजी से उभरकर सामने आया है। वह लगातार काशीपुर में होने वाले कांग्रेस के कार्यक्रमों, धरना-प्रदर्शनों और जनसभाओं में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी सक्रियता इस बात की ओर इशारा करती है कि वह काशीपुर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उनका स्थानीय न होना कुछ लोगों के लिए चर्चा का विषय जरूर है, लेकिन राजनीति में यह कोई बड़ी बाधा नहीं मानी जाती। देश और प्रदेश में कई ऐसे उदाहरण हैं जब नेताओं ने अपने गृह क्षेत्र से बाहर जाकर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
कांग्रेस में ऐन वक्त पर सामने आते हैं नए चेहरे
काशीपुर की राजनीति को करीब से देखने वाले लोग बताते हैं कि कांग्रेस में अक्सर चुनाव के ठीक पहले नया चेहरा सामने आने की परंपरा रही है। पिछले कुछ चुनावों में भी ऐसा ही देखने को मिला है।
स्थानीय स्तर पर मनोज जोशी एडवोकेट और संदीप सहगल एडवोकेट जैसे नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल माने जा सकते हैं। हालांकि काशीपुर में कांग्रेस के नेताओं की सूची काफी लंबी है और चुनाव नजदीक आते ही कई अन्य चेहरे भी अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं।
आने वाले समय में और गरमाएगी सियासत
फिलहाल काशीपुर विधानसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा में टिकट को लेकर कई दावेदार सक्रिय हैं, जबकि कांग्रेस में भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
जैसे-जैसे 2027 का विधानसभा चुनाव करीब आएगा, काशीपुर की सियासत और ज्यादा गरमाने की संभावना है। राजनीतिक दलों की रणनीतियां, संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता और जनता का रुख—ये सभी कारक तय करेंगे कि आखिर इस ‘हॉट सीट’ से चुनावी मैदान में कौन-कौन उतरता है और किसके सिर जीत का ताज सजता है।
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