@शब्द दूत ब्यूरो (30 अप्रैल 2026)
अप्रैल की शुरुआत में बदले मौसम का असर एक बार फिर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां कुछ दिन पहले तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, वहीं अब बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से पारा लुढ़क गया है।
उत्तर प्रदेश में खराब मौसम आफत बनकर सामने आया है। आंधी, बारिश, बिजली गिरने और दीवार ढहने जैसी घटनाओं में अलग-अलग जिलों में कुल 18 लोगों की मौत हो गई। सुल्तानपुर में 7, अमेठी में 3, अयोध्या में 3 और पूर्वांचल के अन्य जिलों में 5 लोगों की जान गई है।
बलिया में तेज आंधी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगह पेड़ उखड़ गए और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। प्रशासन ने जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इटावा के बकेवर क्षेत्र में आंधी के दौरान नीम का पेड़ गिरने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया और मवेशी घायल हो गए।
जौनपुर में भी तेज आंधी और बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं कई जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा, जबकि रेलवे स्टेशन पर बिजली लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से परेशानी बढ़ गई।
वहीं राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी मौसम बदल गया है। तेज हवाओं और बारिश से तापमान 43 डिग्री से गिरकर करीब 36 डिग्री पहुंच गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों में मौसम ने सर्दी का अहसास करा दिया है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है। गुलमर्ग में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिससे पर्यटक खासे उत्साहित नजर आए।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और आसपास के इलाकों में भी बर्फबारी और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट आई है। व्यास घाटी के कुटी और नाबी गांव में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोग प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में तेज बारिश और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है।
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