नई दिल्ली। लोकसभा में पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में ग्रामीण संपर्क को लेकर उठे सवालों के जवाब में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III (PMGGSY-III) के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं और उनके लाभों की जानकारी दी।
PMGGSY-III के तहत स्वीकृत अवसंरचना परियोजनाएं
मणिपुर, मिजोरम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में पीएमजीएसवाई-III के तहत स्वीकृत सड़कों और पुलों का विवरण नीचे तालिका में प्रस्तुत है:
| राज्य | स्वीकृत सड़कों की संख्या | स्वीकृत सड़क लंबाई (कि.मी.) | स्वीकृत पुलों की संख्या |
|---|---|---|---|
| मणिपुर | 97 | 783.209 | 0 |
| मिजोरम | 17 | 487.504 | 7 |
| हिमाचल प्रदेश | 299 | 3,123.117 | 43 |
| उत्तराखंड | 212 | 2,287.948 | 9 |
शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार संपर्क को मिलेगा बल
मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को कृषि मंडियों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों से जोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीण जनता को मूलभूत सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी। इससे बालिकाओं की शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है।
हरित तकनीकों से होगा टिकाऊ विकास
उत्तर में बताया गया कि पीएमजीएसवाई-III के अंतर्गत पारिस्थितिकी के अनुकूल निर्माण प्रथाओं को अपनाया जा रहा है। इसमें कोल्ड मिक्स तकनीक, अपशिष्ट प्लास्टिक, एफडीआर, पैनलयुक्त सीमेंट कंक्रीट जैसी तकनीकों का प्रयोग हो रहा है जिससे पर्यावरणीय नुकसान कम होता है और निर्माण की गुणवत्ता भी बनी रहती है। निर्माण में भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है।
पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापार और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार ने स्पष्ट किया कि बेहतर सड़क संपर्क पूर्वोत्तर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। बाजारों तक पहुंच आसान होने से व्यापार, अंतरराज्यीय आवागमन और पर्यटन को बल मिलेगा। साथ ही निर्माण और रखरखाव से जुड़े रोजगार भी सृजित होंगे।
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