@शब्द दूत ब्यूरो (25 जून, 2022)
मुख्यमंत्री धामी के दिल्ली से लौटने के साथ ये खबर भी उड़ने लगी है कि वे जल्द ही लालबत्तियों का बंटवारा करने वाले हैं। सूत्रों के हवाले से ये भी खबर है कि धामी दिल्ली आलाकमान से लालबत्तियां बांटने की इजाजत ले आए हैं और भाजपा शासित पिछली सरकार के कार्यकाल में काफी लंबे अरसे से चल रहा सूखा समाप्त हो सकता है।
इधर, राज्य में 2022 में पूर्ण बहुमत की सरकार के बावजूद भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं का सिलसिला जारी है। हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा ज्वाइन करने के बाद ये सवाल उठने लगे थे कि आखिर भाजपा इनका क्या उपयोग करेगी। कयास ये भी लगाए जा रहे थे कि पार्टी में इन्हें ‘एडजस्ट’ किया जाएगा।
इसके अलावा बहुत से ऐसे नेता भी हैं जिनके इस विधानससभा चुनाव में टिकट काट दिए गए लेकिन वे पार्टी में बने हुए हैं। ऐसे नेताओं को उनकी ईमानदारी के लिए लालबत्ती से तुष्ट किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ पार्टीजनों की भी लॉटरी लग सकती है। पार्टी की सेवा करने करने के एवज में उन्हें लालबत्ती रुपी मेवा मिल सकता है।
इन सबके बीच सवाल ये उठता है कि उत्तराखंड जैसा छोटा राज्य जहां बजट का आधा हिस्सा कर्मचारियों की पगार और पेंशन मैं ही खर्च हो जाता है, लालबत्तियों का बोझ कहां तक झेल पाएगा।
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