@शब्द दूत ब्यूरो (14 जून, 2022)
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धामी सरकार के पहले बजट को निराशाजनक बताया है और कहा कि बजट केवल काल्पनिक, केंद्रीय सहायता आधारित या बाह्य वित्त पोषित योजनाओं के भरोसे बनाया गया है। हरीश रावत ने कहा कि मौजूदा सरकार में पैसा खर्च करने का हौसला ही नहीं है। गैरसैंण के मामले में वित्त मंत्री ने पूर्व सीएम के 25 हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा पर आंख, कान और दिल तीनों बंद रखे। सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट में पूर्व सीएम हरीश रावत ने बजट पर विस्तार से ब्यौरा रखने की बात को भी पोस्ट के आखिरी में लिखा है।
बकौल हरीश रावत, उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने पहले ही बजट में यह सिद्ध कर दिया कि उनके आगे के बजट भी इस बजट की तरह धोखेबाज बजट होंगे। जिस सरकार ने अपने पिछले बजट को ही खर्च न किया हो, उसकी बजट की राशि कितनी है और किस क्षेत्र में है, वह महत्वपूर्ण नहीं रह जाता! क्योंकि इस सरकार में पैसा खर्च करने का हौसला ही नहीं है।
हरीश रावत ने कहा कि मौजूदा बजट केवल काल्पनिक, केंद्रीय सहायता आधारित या वाह्य वित्त पोषित योजनाओं के भरोसे बनाया गया है। आंतरिक संसाधनों के संवर्धन पर मौन साधना ही वित्त मंत्री ने बेहतर समझा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण-भराड़ीसैंण इस सरकार के लिए गैर ही बना रहेगा, यह भी इस बजट से साफ हो गया है। उन्होनें कहा कि भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण के लिए 25 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की बात कही थी , उस विषय में वित्त मंत्री ने पूरी तरीके से आंख, कान और दिल, तीनों बंद करके रखे हैं ।
हरीश रावत ने कहा-कुल मिलाकर धामी सरकार का पहला बजट निराश करने वाला लगा। इसमें उत्तराखंड के सम्मुख जो सामूहिक चुनौती है, आय संवर्धन की उस दिशा में भी कोई हाथ-पांव चलाते हुए वित्त मंत्री नहीं दिखाई दे रहे हैं।
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