@शब्द दूत ब्यूरो (01 मई, 2022)
उत्तराखंड कोटे की सीट से बाहरी नेताओं को राज्यसभा भेजने का प्रयोग उत्तराखंड के लिए ज्यादा माफिक नहीं रहा है। राज्यसभा में भेजे गए ज्यादातर नेता हाथी के दांत ही साबित हुए। भाजपा और कांग्रेस से दिग्गज नेता सुषमा स्वराज, संघप्रिय गौतम, सत्यव्रत चतुर्वेदी, कैप्टन सतीश शर्मा उत्तराखंड से राज्यसभा गए थे। लेकिन उनके कार्यकाल में राज्य को बहुत लाभ नहीं मिला।
सबके कड़वा अनुभव कांग्रेस की ओर से राज्यसभा गए राज बब्बर के साथ रहा। बता दें कि 14 मार्च 2015 से 25 नवंबर 2020 तक राज्यसभा सांसद रहे राज बब्बर, कभी भी उत्तराखंड की भावनाओं के साथ पूरी तरह जुड़े दिखाई नहीं दिए। उन्होंने अपनी निधि से भी दूसरे प्रदेशों में काफी काम कराए। आपदा के वक्त भी उन की अनुपस्थिति सुर्खियों में रही।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal