@शब्द दूत ब्यूरो (11 मार्च, 2022)
पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं लैंसडाउन सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार गई हैं। हरक सिंह रावत पर बहू को जीत दिलाने के साथ-साथ कांग्रेस को बहुमत दिलाने के साथ-साथ कांग्रेस के लिए कुछ सीटें जुटाने का भी दायित्व था। राजनीतिक हलकों में इसे हरक सिंह रावत की व्यक्तिगत हार के रूप में भी देखा जा रहा है।
भाजपा सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे हरक सिंह रावत की पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं के मैदान में होने से सबकी निगाहें इस सीट पर लगी थी। हालांकि हरक सिंह काफी लंबे अरसे से विधानसभा चुनाव न लड़ने और अपनी पुत्रवधू अनुकृति के टिकट का जुगाड़ लगा रहे थे। इसी चक्कर में हरक सिंह को भाजपा से विदा लेनी पड़ी और को कांग्रेस का दामन थामना पड़ा था।
अब हरक सिंह रावत के पास पूरे पांच साल हैं। आगे ये देखना दिलचस्प होगा कि उत्तराखंड की राजनीति के इस माहिर खिलाड़ी का अगला दांव क्या होगा, क्योंकि अब कांग्रेस में भी उनके लिए कोई खास भूमिका नहीं बची है।
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