@शब्द दूत ब्यूरो (08 मार्च, 2022)
राजनीति में आपराधिक छवि के लोग काफी देखने को मिलते हैं। हालांकि इस बार उत्तराखंड विधानसभा में सबसे कम आपराधिक मामलों वाले विधायक पहुंचेंगे। ये किसी राज्य की विधानसभा और वहां की जनता के लिए सुखद बात है।
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में इस बार सबसे कम आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी उत्तराखंड विधानसभा पहुंचेंगे वहीं सबसे ज्यादा आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी उत्तर प्रदेश और गोवा विधानसभा पहुंचेंगे। गोवा क्षेत्रफल और जनसंख्या में भले ही उत्तरप्रदेश से बहुत छोटा हो पर आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों की तुलना में वो उत्तर प्रदेश को टक्कर दे रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के 38 प्रतिशत प्रत्याशी आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं जिनमें से 28 प्रतिशत के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और डकैती जैसे मामले अदालतों में चल रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी भी भाजपा के महाबलियों से थोड़ी ही पीछे है। इसके 35 प्रतिशत मुल्जिम प्रत्याशियों में से 27 प्रतिशत पर गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। आपराधिक पृष्ठभूमि के मामले में कांग्रेस के प्रत्याशी सबसे पीछे हैं। कांग्रेस के 34 प्रतिशत प्रत्याशी आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं जिनमें से 22 प्रतिशत पर गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखण्ड के 632 प्रत्याशियों में से सिर्फ एक के खिलाफ हत्या, 3 के खिलाफ हत्या का प्रयास और 6 के खिलाफ महिला उत्पीड़न के मामले अदालतों में चल रहे हैं। हरिद्वार जिले के एक प्रत्याशी के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। आपराधिक मामले झेल रहे प्रत्याशियों में शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे भी एक हैं।
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