@शब्द दूत ब्यूरो (28 जनवरी, 2022)
विधायक राजकुमार ठुकराल ने यदि पांच साल पहले के घटनाक्रम से सबक लिया होता तो शायद उन्हें ये दिन नहीं देखना पड़ता। उनका अहंकार ही उन्हें ले डूबा। अब उनका अगला कदम ही उनका राजनीतिक भविष्य तय करेगा।
भाजपा ने अंततः दो बार के विधायक राजकुमार ठुकराल का टिकट काट दिया। अब शिव अरोरा भाजपा के प्रत्याशी होंगे। इससे उनके हैट्रिक लगाने का सपना चकनाचूर हो गया।
दरअसल, विधायक ठुकराल का टिकट 2017 में भी कट रहा था, लेकिन सिटिंग गेटिंग के फार्मूले और किस्मत से उनका टिकट बच गया। टिकट मिला तो मोदी लहर में ठुकराल की रिकॉर्ड मतों से जीत हुई। साथ ही रिकॉर्ड मतों से जीत होने का गुमान भी बढ़ गया। उन्हें लगने लगा कि पार्टी उनका टिकट नहीं काट सकती।
अब सवाल यह उठता है कि भाजपा ने ठुकराल का टिकट काट कर उनसे किनारा क्यों किया। उनका अपराध क्या था कि उन्हें हैट्रिक लगाने का मौका नहीं दिया गया। वह जिताऊ उम्मीदवार तो थे ही।
दरअसल, ठुकराल के बड़बोलेपन और अमर्यादित भाषा के चलते कई मौकों पर भाजपा असहज हुई। हाल में वायरल हुई कुछ आडियो भी उनका टिकट कटने का आधार बनी।
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