@शब्द दूत ब्यूरो (25 जनवरी, 2022)
भाजपा के पदाधिकारियों से मिलना और बैठे-बिठाए हरीश रावत से पंगा लेना कांग्रेस के पूर्व प्रदेश को भारी पड़ गया है। अब हालात ये हैं कि कांग्रेस से घर निकाला है तो भाजपा में उन्हें कोई भाव नहीं दे रहा। बीते कई महीनों से सियासी पहेली बने पूर्व पीसीसी चीफ किशोर उपाध्याय का मामला कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली लिस्ट आने के बाद और उलझ गया है। भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी इस सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। यही वजह है कि किशोर का मामला अब भी चौराहे पर नजर आ रहा है।
इस बार कांग्रेस ने इस सीट पर पिछली बार बागी होकर किशोर की हार का कारण बने आर्येद्र शर्मा का नाम पहली लिस्ट में शामिल कर लिया है। दूसरी तरफ किशोर की परंपरागत सीट टिहरी को अभी खाली रखा गया है। इससे पहले भाजपा ने भी टिहरी पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया था, जबकि अभी टिहरी सीट पर भाजपा का कब्जा है।
माना गया था कि भाजपा किशोर उपाध्याय को यहां टिकट दे सकती है। अब कांग्रेस ने टिहरी सीट खाली रखकर, गेंद एक तरह से फिर किशोर के पाले में डाल दी है। इससे पूर्व कांग्रेस आला कमान किशोर उपाध्याय से सभी जिम्मेदारियां वापस लेकर उनके प्रति ठंडे रुख का भी इजहार कर चुका है, कांग्रेस ने उनकी भाजपा नेताओं से बढ़ती मुलाकातों को अनुशासनहीनता के रूप में लिया है। तो क्या नामांकन की घड़ी करीब आने के साथ ही किशोर मामले का यूं ही अंत हो जाएगा!
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal

