@शब्द दूत ब्यूरो (23 जनवरी, 2022)
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की 53 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में जहां अधिकांश पुराने नाम ही शामिल हैं, वहीं इसमें पिछले दिनों पार्टी शामिल हरक सिंह रावत और उनकी बहू अनुकृति गुसाईं का नाम नहीं है। यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य को प्रत्याशी बनाने के बाद ये तय हो गया है कि प्रीतम सिंह के बेटे और हरीश रावत की बेटी को भी टिकट दिया जा सकता है।
एक परिवार एक टिकट की नीति को धता बताते हुए यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य दोनों के ही नाम मौजूद हैं। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि हरक सिंह रावत और अनुकृति गुसाईं को भी टिकट मिलना लगभग पक्का है। उनका नाम पार्टी की दूसरी लिस्ट में आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इधर हरक सिंह रावत की सीट को लेकर अभी भी कयास लगाए जा रहे हैं। हरक सिंह की तीन पसंदीदा सीटों में से दो केदारनाथ और यमकेश्वर में पार्टी प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। केदारनाथ से मनोज रावत तो यमकेश्वर से शैलेंद्र सिंह रावत मैदान में आ चुके हैं। जबकि डोईवाला सीट पर कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं उतारा है। इस सीट पर हीरा सिंह बिष्ट ने दावा किया था, लेकिन उन्हें कांग्रेस ने रायपुर सीट से मैदान में उतार दिया है। ऐसे में हरक सिंह रावत की पसंदीदा डोईवाला सीट उन्हें मिल सकती है।
उधर, कांग्रेस में शामिल होने के बाद से ही उनके चौबट्टाखाल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की भी खूब चर्चा रही है। कांग्रेस ने अभी इस सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, तो कांग्रेस इसी सीट पर भी हरक सिंह रावत को दांव पर लगा सकती है। इसकी एक वजह यह भी कि इससे उनके लिए करीब ही मौजूद लैंसडाउन सीट पर अपनी पुत्रवधू के लिए कैंपेन करना आसान रहेगा। भाजपा से चौबट्टाखाल में सतपाल महाराज मैदान में हैं। जबकि डोईवाला सीट पर त्रिवेंद्र सिंह रावत के मैदान से हटने के बाद भाजपा ने भी सस्पेंस रखा हुआ है।
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