सरकार के अनुसार सभी जिलों में हर 40 हजार टेस्टिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर थूकना गैरकानूनी होगा। उल्लंघन करने पर जुर्माने का भी प्रावधान है।
@शब्द दूत ब्यूरो (03 दिसंबर, 2021)
कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन के खतरे को देखते हुए उत्तराखंड में अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की सीमा पर अनिवार्य कोरोना टेस्टिंग की जाएगी। कैबिनेट मंत्री डा धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने सभी मेडिकल कालेज व जिला अस्पतालों में एमआरआइ और सिटी स्कैन मशीनें स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
कैबिनेट मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोरोना टेस्टिंग बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और रुद्रपुर में एमआरआइ मशीन और जिला अस्पताल चम्पावत, उप जिला अस्पताल रानीखेत व उप जिला अस्पताल ऋषिकेश में सिटी स्कैन मशीनें लगाई जाएं।
स्वास्थ्य विभाग में नर्सों के तकरीबन 2600 रिक्त पदों को वर्षवार मेरिट के आधार पर भरा जाए। मेडिकल कालेजों में कार्यरत विभिन्न श्रेणी के संविदा और आउटसोर्स कार्मिकों की समस्याओं के समाधान को उचित कदम उठाए जाएं।
सरकार के अनुसार सभी जिलों में हर 40 हजार टेस्टिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर थूकना गैरकानूनी होगा। उल्लंघन करने पर जुर्माने का भी प्रावधान है।
सरकार ने इस बात के भी आदेश दिए हैं कि अंतरराष्ट्रीय बार्डर चेक पोस्ट पर भी रैंडम टेस्ट किए जाएं और जो लोग विदेश से आए हैं या जो यात्री होम क्वारंटाइन हैं, उनकी निगरानी होगी।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal







