@विनोद भगत
काशीपुर(5 सितंबर 2021) । कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा आज काशीपुर शहर पहुंच रही है। ढाई दशक से यहाँ कांग्रेस जीत को तरस रही है। पर क्या इतनी लंबी पराजय के बाद काशीपुर विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति में परिवर्तन हो पायेगा। यह अपने आप में स्थानीय कांग्रेस नेताओं के लिये आत्म मंथन का विषय है। लेकिन वास्तविकता तो यह है कि स्थानीय कांग्रेस नेता आत्म मंथन से ज्यादा खुद को वरिष्ठ और टिकट का दावेदार साबित करने में लगे हुए हैं।
ऐसे में काशीपुर कांग्रेस के नेताओं को जनता के मूड में परिवर्तन करने के बजाय अपना ह्रदय परिवर्तन करने की आवश्यकता है। शहर में तमाम पुराने दिग्गज नेताओं को दरकिनार करने का खामियाजा भुगत रही कांग्रेस के लिए ये परिवर्तन यात्रा महज दिखावा साबित हो जायेगी। कम से कम काशीपुर में तो यही स्थिति है।
जिस जनता ने वोट देना है उस पर कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा कितनी छाप छोड़ पायेगी? यह तो सभी जानते हैं। 25 से ज्यादा काशीपुर में टिकट के दावेदार खुद को कांग्रेस का खेवनहार बता रहे हैं। लेकिन इतने ज्यादा संख्या में दावेदार होने से काशीपुर की जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
काशीपुर कांग्रेस के नेताओं की टिकट को लेकर होड़ के बीच अंततः पार्टी का ही नुकसान हो रहा है और होता आया है। इससे पहले भी जो चुनाव हुये उसमें खुलकर और भीतरघात कर अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को हराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई। हालांकि प्रकट में कांग्रेस नेताओं के बयान यही आते हैं कि जो भी प्रत्याशी होगा उसे चुनाव लड़ाया जायेगा। यदि ऐसा वास्तव में होता तो ढाई दशक से कांग्रेस को यहाँ पराजय का मुंह नहीं देखना पड़ता।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal







