महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में संक्रमण के नए मामले आसमान छू रहे हैं। मुंबई के अस्पतालों में कोरोना के मामलों में उछाल का असर दिख रहा है।
मुंबई के लीलावती अस्पताल का एक वीडियो आज सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से शेयर किया गया। इसमें दिखाया गया कि कैसे अस्पताल को अपनी लॉबी को कोविड वार्ड में परिवर्तित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कैमरे के सामने अपनी हताशा जाहिर की। अस्पताल में न केवल वैक्सीन की कमी थी, बल्कि रेमडीसीवर जैसी जीवनरक्षक दवाएं भी कम थीं।
डॉ पारकर ने कहा, “मेरे अस्पताल में पिछले दो-तीन दिनों से टीके नहीं हैं। रेमडीसीवर की कमी है, टॉसिलिज़ुबम की कमी है. हम भीख मांगने, उधार लेने, चोरी करने वाले हैं।” उन्होंने कहा कि “ईश्वर के निमित्त मेरा निवेदन है कि कृपया इसे देखें कि रेमेडिसविर, टॉसिलिज़ुबम, टीकाकरण – वे उपलब्ध हैं। क्योंकि यही एकमात्र तरीका है जिससे हम जीवन बचा सकते हैं। एकमात्र तरीका जिससे हम कोविड-19 को जीत सकते हैं। इसलिए ईश्वर की खातिर, कोई लालफीताशाही न होने दें, कोई चर्चा न होने दें, लेकिन कार्रवाई होने दें।”
उन्होंने कहा कि पिछले साल, नर्सों, वार्डब्वायों और टेक्नीशियनों ने अपने जीवन के दिन और रात दिए हैं। उन्होंने कहा कि “हम सभी थक चुके हैं। मैं वास्तव में थक गया हूं। सिर्फ मरीजों को ही नहीं, उनके परिजनों को भी डॉक्टरों को फोन और व्हाट्सऐप पर उनकी जानकारी देना पड़ती है।”
उन्होंने कहा कि नर्स और वार्डब्वाय गर्म पीपीई किट में बिना टी ब्रेक लिए या बाथरूम जाए, आठ से दस घंटे काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “वे बोल नहीं सकते हैं, दो या तीन मास्कों में लिपटे रहते हैं। आपको सुनाने के लिए जोर से चिल्लाना होगा। लेकिन हम क्या कर सकते हैं? हम बस सेवा कर सकते हैं।” 


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