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बड़ी खबर :काशीपुर छात्र संघ चुनाव में मतों की काट-पीट के आरोप, कोर्ट ने शिकायत निवारण समिति के तत्काल गठन के दिए निर्देश

@शब्द दूत ब्यूरो (09 अक्टूबर 2026)

काशीपुर। पीजी कॉलेज काशीपुर में छात्र संघ चुनाव के परिणाम को लेकर विवाद गहरा गया है। अध्यक्ष पद पर पराजित प्रत्याशी कुलदीप सिंह की शिकायत पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने शिकायत निवारण समिति का तत्काल गठन करने और शिकायत पर विचार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अध्यक्ष पद के चुनाव में इस्तेमाल किए गए मतपत्रों को सुरक्षित रखने के संबंध में भी आवश्यक आदेश पारित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया कि अध्यक्ष पद के प्रत्याशी कुलदीप सिंह ने चुनाव परिणाम में कथित तौर पर हेरफेर किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि घोषित परिणाम में इंटरपोलेशन यानी मतों के विवरण में कथित बदलाव किया गया। कुलदीप सिंह का आरोप है कि मतों की काट-पीट कर उनके पक्ष में दर्ज मतों को कम किया गया, जबकि विपक्षी प्रत्याशी गुरजिंदर सिंह के पक्ष में मतों की संख्या बढ़ाई गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि नोटा के मतों को व्हाइटनर लगाकर कम किया गया और उन मतों को कथित तौर पर गुरजिंदर सिंह के पक्ष में जोड़ दिया गया। हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी पुष्टि संबंधित जांच और शिकायत निवारण प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली के अनुसार, न्यायालय ने लिंगदोह समिति की उन सिफारिशों के अनुरूप, जिन्हें सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृति प्राप्त है, शिकायत निवारण व्यवस्था के तत्काल गठन के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कहा है कि गठित की जाने वाली समिति के समक्ष कुलदीप सिंह की शिकायत पर विचार किया जाए और उसका निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए।

मामले में चुनाव से संबंधित साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का मुद्दा भी उठाया गया था। शिकायतकर्ता की ओर से मांग की गई थी कि चुनाव के दौरान की सीसीटीवी फुटेज और इस्तेमाल किए गए बैलेट पेपर सुरक्षित रखे जाएं, ताकि शिकायत की जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्यों की उपलब्धता बनी रहे। इस पर न्यायालय ने कॉलेज के प्राचार्य को अध्यक्ष पद के छात्र संघ चुनाव में इस्तेमाल किए गए मतपत्रों को सुरक्षित रखने के संबंध में आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं।

न्यायालय के इन निर्देशों के बाद अब कॉलेज में छात्र संघ चुनाव परिणाम को लेकर उठे विवाद में शिकायत निवारण समिति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। समिति के समक्ष शिकायत पर विचार और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही मतगणना में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, चुनाव परिणाम में हेरफेर के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

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