वृंदावन में दर्दनाक हादसा: भूमिगत पानी की टंकी साफ करने उतरे चार गुरुकुल छात्रों की मौत, एक गंभीर
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@शब्द दूत ब्यूरो (07 अक्टूबर 2026)
वृंदावन। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। चैतन्य विहार क्षेत्र स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में भूमिगत पानी की टंकी की सफाई करने उतरे चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र गंभीर हालत में अस्पताल में उपचाराधीन है। प्रारंभिक जांच में टंकी के भीतर जहरीली गैस बनने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार गुरुकुल परिसर में बनी करीब 10 से 12 फुट गहरी भूमिगत पानी की टंकी से दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद छात्रों को टंकी की सफाई के लिए लगाया गया। पहले पानी निकाला गया और इसके बाद एक छात्र टंकी के अंदर उतरा। कुछ ही देर में वह बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के प्रयास में अन्य छात्र भी एक-एक कर टंकी में उतरते चले गए और वे भी बेहोश हो गए। कुल पांच छात्र टंकी में पहुंचे, जिनमें चार की जान चली गई और एक छात्र को बचा लिया गया।
मृत छात्रों की पहचान मनु कटारे, विशू शर्मा, आर्यन पांडेय और देवांश शर्मा के रूप में बताई गई है। घायल छात्र रुद्राक्ष का उपचार चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटना के बाद गुरुकुल की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि गुरुकुल को विधिवत मान्यता प्राप्त थी या नहीं, वहां रहने वाले छात्रों के लिए किस तरह की व्यवस्थाएं थीं और छात्रों को इतनी गहरी पानी की टंकी की सफाई जैसे जोखिमपूर्ण काम में क्यों लगाया गया।
पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है। हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी, हालांकि प्राथमिक तौर पर टंकी में जहरीली गैस की आशंका सामने आई है। घटना के बाद गुरुकुल परिसर में मातम पसरा हुआ है और मृत छात्रों के परिजनों को सूचना दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए घायल छात्र के समुचित उपचार और घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।
यह हादसा एक बार फिर बंद और भूमिगत टैंकों, सीवर या अन्य सीमित स्थानों में बिना सुरक्षा उपकरण और विशेषज्ञ निगरानी के प्रवेश करने के गंभीर खतरे को सामने लाता है। ऐसी जगहों में जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी का खतरा हो सकता है, जिसके कारण कुछ ही क्षणों में जान पर बन सकती है।