@शब्द दूत ब्यूरो (08 अगस्त 2026)
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य की नई पीढ़ी के साथ सीधे संवाद कर भविष्य के उत्तराखंड की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में अभिनव पहल करने जा रहे हैं। ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम का शुभारंभ 10 अगस्त से होगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के 2,800 से अधिक विद्यालयों के तीन लाख से ज्यादा कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से अपने विचार और सुझाव मुख्यमंत्री के साथ साझा करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य राज्य के भविष्य के विकास में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकांश विद्यार्थी ऐसे हैं, जिनका जन्म उत्तराखंड राज्य गठन के बाद हुआ है। आने वाले वर्षों में यही युवा राज्य की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण भागीदार बनेंगे।
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों से हिंदी अथवा अंग्रेजी में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव मांगे जाएंगे। इनमें पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर, वन एवं पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक शिक्षा, राज्य के विकास में महिलाओं की भूमिका, सड़क एवं कनेक्टिविटी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा तकनीकी विकास जैसे विषय शामिल हैं।
विद्यार्थी अपने विद्यालयों के माध्यम से ऑनलाइन अपनी प्रविष्टियां अपलोड कर सकेंगे। प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त निर्धारित की गई है। प्रविष्टि सफलतापूर्वक जमा करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा। अनुमान है कि इस अभियान में तीन लाख से अधिक विद्यार्थी अपने सुझाव साझा करेंगे।
प्राप्त सुझावों में से लगभग 150 उत्कृष्ट प्रविष्टियों का चयन विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आमने-सामने संवाद करेंगे और उनके विचारों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
इस विशेष मंथन सत्र में संबंधित विभागों के सचिव भी मौजूद रहेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के उपयोगी सुझावों को नीति निर्माण और विकास योजनाओं में शामिल किए जाने की संभावनाओं पर विचार करना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा संवाद की संस्कृति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार उन विद्यार्थियों का दृष्टिकोण समझना चाहती है, जिनका जन्म उत्तराखंड राज्य बनने के बाद हुआ है।
उन्होंने कहा कि समय तेजी से बदल रहा है और नई पीढ़ी की सोच, अपेक्षाएं तथा तकनीक के प्रति उसका दृष्टिकोण भी अलग है। नई सोच और नई तकनीक के साथ ही उत्तराखंड देश और दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकता है।
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ को राज्य के अगले पांच वर्षों के विकास का विजन तैयार करने में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal