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उत्तराखंड में धर्मांतरण पर सीएम पुष्कर सिंह धामी की चेतावनी—“धर्मांतरण करेंगे तो जेल जाएंगे” सितारगंज जनसभा में सीएम बोले—जनजातीय संस्कृति से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं, विकास परियोजनाओं की भी दी बड़ी सौगात

@शब्द दूत ब्यूरो (17 मई 2026)

सितारगंज। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर धर्मांतरण के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि धर्मांतरण कराने और करने वालों को जेल भेजा जाएगा। सितारगंज के थारू, राणा और बुक्सा जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति और सनातन स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण रोकने के लिए प्रदेश में सख्त कानून लागू किया गया है, ताकि जनजातीय समाज की परंपराएं और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के वंशजों और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहना होगा और सरकार इसमें हर संभव सहयोग करेगी।

सीएम धामी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में “लैंड जिहाद” के तहत सरकारी भूमि पर कब्जा करने की साजिश रची जा रही थी, जिस पर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 12 हजार एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा कि “लव जिहाद” और “थूक जिहाद” जैसी गतिविधियों को उत्तराखंड में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सितारगंज के शक्तिफार्म को सिडकुल क्षेत्र से जोड़ने के लिए सिसौना नदी पर लगभग 11.41 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 150 मीटर लंबे सीसी पुल का शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि इस पुल से करीब 50 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और आवागमन में लगभग 9 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सितारगंज-टनकपुर फोरलेन सड़क, आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली, मोटर मार्गों और मल्टी स्टोरी पार्किंग जैसे कई कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसके अलावा किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से एम्स सैटेलाइट सेंटर, पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, गदरपुर-खटीमा बाईपास, बस अड्डे और खेल स्टेडियम जैसी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।

सीएम ने जमरानी बांध परियोजना को पुनः शुरू करने और गन्ना किसानों के लिए समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक समरसता और पारदर्शी प्रशासन के लिए भी प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

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