Breaking News

बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने बिलकीस बानो गैंगरेप के 11 दोषियों की रिहाई का आदेश रद्द किया, केंद्र व गुजरात सरकार के तर्क खारिज

@शब्द दूत ब्यूरो (08 जनवरी 2024)

बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट  ने 11 दोषियों की रिहाई का आदेश रद्द कर दिया है। गुजरात सरकार के आदेश को पलटते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की तकलीफ को समझना जरूरी है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयन की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराध का अहसास होने के लिये सजा दी जाती है। इस मामले में गैंगरेप के 11 दोषियों को गुजरात सरकार ने समय से पहले रिहा कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि सजा इसलिए दी जाती है कि भविष्य में अपराध रुके। इससे अपराधी को सुधरने का मौका दिया जाता है। लेकिन पीड़ित की तकलीफ का भी एहसास होना चाहिए। हमने कानूनी तौर पर मामले को परखा, पीड़िता की याचिका को सुनवाई योग्य माना है। इस मामले दायर हुईं जनहित याचिकाएं सुनवाई योग्य होने या न होने पर टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।

जस्टिस नागरत्ना ने आगे कहा कि रिहाई पर फैसले से पहले गुजरात सरकार को उस कोर्ट की राय लेनी चाहिए थी, जिसमें ये मुकदमा चल रहा था। जिस राज्य में आरोपियों को सजा मिली, उसे ही रिहाई पर भी फैसला लेना चाहिए था। सजा महाराष्ट्र में मिली थी। इस आधार पर हम रिहाई का आदेश निरस्त करते हैं।

बता दें कि इस मामले की 11 दिनों की सुनवाई हुई थी। इसमें केंद्र व गुजरात सरकार ने दोषियों की सजा माफ करने से जुड़े मूल रिकॉर्ड भी पेश किए थे। गुजरात सरकार ने तर्क दिया था कि इन लोगों ने सुधारात्मक सिद्धांत का पालन किया है। इस पर कोर्ट ने पूछा था कि क्या दोषियों के पास माफी मांगने का मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने आगे कहा था कि ये अधिकार चुनिंदा रूप से नहीं मिलना चाहिए।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

बजट का हलुवा और हलुए का बजट@राकेश अचल

🔊 Listen to this भारत अनोखा देश है। यहां सब कुछ अनोखा होता है ,जो …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-