Breaking News

सीजेआई बोले-महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे को देखने के लिए एक तंत्र बनाना होगा, मणिपुर मामले में सुनवाई कल तक के लिए स्थगित

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (31 जुलाई, 2023)

मणिपुर में दो महिलाओं के साथ दरिंदगी से देश को शर्मसार करने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत दो महिलाओं पर भीड़ द्वारा किए गए हमले से संबंधित मामले की सुनवाई को स्थानांतरित करने के केंद्र सरकार के अनुरोध पर विचार कर रहा है। उसने इस दौरान कड़े शब्दों में कहा कि घटना को यह कहकर उचित नहीं ठहरा सकते कि ऐसा और भी कहीं हुआ है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कल दोपहर दो बजे के लिए स्थगित कर दी है।

महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इस घटना का तो वीडियो सामने आया है, लेकिन यह एकमात्र घटना नहीं है जहां महिलाओं के साथ मारपीट या उत्पीड़न हुई है, अन्य महिलाएं भी हैं। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा के व्यापक मुद्दे को देखने के लिए एक तंत्र भी बनाना होगा। इस तंत्र को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे सभी मामलों का ध्यान रखा जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह दोनों पक्षों को संक्षेप में सुनेगा और फिर कार्रवाई के सही तरीके पर फैसला करेगा। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल कोई साक्ष्यात्मक रिकॉर्ड पेश नहीं किए गए हैं। सीजेआई ने कहा कि पहले याचिकाकर्ताओं को सुनते हैं उसके बाद अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को सुना जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब घटना चार मई को हुई तो एफआईआर 18 मई को क्यों दर्ज की गई। चार मई से 18 मई तक पुलिस क्या कर रही थी। महिलाओं को नग्न कर घुमाया गया और कम से कम दो के साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस क्या कर रही थी।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि यह निर्भया जैसी स्थिति नहीं है। वह भी भयावह था, लेकिन यह अलग था। यहां हम हिंसा से निपट रहे हैं, जिसे आईपीसी एक अलग अपराध के रूप में मान्यता देता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि भारत सरकार मणिपुर को घरों के पुनर्निर्माण के लिए कौन सा पैकेज दे रही है।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

बजट का हलुवा और हलुए का बजट@राकेश अचल

🔊 Listen to this भारत अनोखा देश है। यहां सब कुछ अनोखा होता है ,जो …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-