विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की आपातकालीन समिति ने विश्व स्तर पर संक्रमण फैलाने वाले कोरोना वायरस के नए वेरिएंट से मुकाबला करने के लिए कोरोना वायरस सिक्वेन्सिंग स्टडी पर एक बैठक बुलाई थी। फिलहाल, बैठक को दो सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया ताकि कोविड के नए उभरते संक्रामक स्ट्रेन पर पूरी बातचीत हो सके क्योंकि कोविड -19 महामारी से पूरी दुनिया में मृतकों की संख्या 20 लाख के करीब पहुंच चुकी है। इस बीच पैनल ने कहा है कि अब पूरी दुनिया में कभी भी कोरोना वायरस की मरीजों की संख्या शून्य पर नहीं हो सकती है।
आपातकालीन समिति ने उन देशों की आलोचना की जो अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से टीकाकरण के प्रमाण की मांग कर रहे हैं। हालांकि, समिति ने कहा कि यात्रा के लिए दी गई गाइडलाइंस को पूरा करने का समय है, ताकि वायरस के संक्रमण से बचा जा सके। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वह अगले 100 दिनों के भीतर हर देश में कोविड-19 का टीकाकरण चाहता है, इस चिंता के बीच कि अमीर देश वैक्सीन उत्पादन की पहली खेप ही खरीद रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ब्राजील में फैल रहे कोरोना वायरस ने नए स्ट्रेन पर चेतावनी जारी की है और कहा है कि अगर सभी देशों ने व्यवहार में परिवर्तन नहीं लाए तो ताजा संक्रमण दुनिया के कई देशों में फैल सकता है। पैनल ने कहा कि नए वैरिएंट की पहचान सिर्फ जेनेटिक कोड की सिक्वेंसिंग से ही संभव है। इसके अलावा किसी भी एनालिसिस से यह संभव नहीं है। डब्लूएचओ ने इसके दुनियाभर में फैलने की भी जानकारी दी है।





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