@शब्द दूत ब्यूरो (13 अक्टूबर 2026)
काशीपुर। बाजपुर रोड पर सड़क किनारे सस्ते दामों पर घरेलू फर्नीचर बेचने को लेकर मंगलवार को विवाद हो गया। स्थानीय व्यापारियों ने सामान की खरीद से संबंधित बिल और जीएसटी दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए। व्यापार मंडल के विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने फर्नीचर को अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान सामान बेच रहे व्यक्ति आशीष जोशी, पुलिस और व्यापारियों के बीच भी कहासुनी हुई। सामान को पिकअप वैन में रखे जाने का विरोध करने पर पुलिस आशीष जोशी को अपने वाहन में बैठाकर ले गई।
मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रभात साहनी समेत कई व्यापारी मौजूद रहे। व्यापारियों का आरोप था कि सड़क किनारे फर्नीचर बेच रहे व्यक्ति के पास सामान की खरीद से संबंधित बिल नहीं थे। उनका कहना था कि यदि सामान वैध तरीके से खरीदा गया है तो उसके दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने चाहिए। व्यापारियों ने यह भी दावा किया कि कुछ दुकानदारों ने अपने यहां से सामान चोरी होने की शिकायत की है और कथित रूप से बरामद सामान की पहचान को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
मौके पर व्यापारियों और सामान बेच रहे व्यक्ति के बीच तीखी बहस हुई। व्यापारियों की ओर से सामान के बिल दिखाने की मांग की गई, जबकि आशीष जोशी ने सामान हटाने की कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि वे सामान की खरीद और उसके स्रोत की जांच चाहते हैं। व्यापारियों ने आशंका जताई कि यदि सामान चोरी का है तो इसकी जांच कर संबंधित दुकानदारों की शिकायतों का भी सत्यापन किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, मौके पर मौजूद लोगों के बीच जीएसटी बिल को लेकर भी बहस हुई। व्यापारियों का कहना था कि बाहर से सामान लाकर बेचने वाले व्यक्ति को उसकी खरीद के दस्तावेज दिखाने चाहिए। हालांकि, केवल बिल उपलब्ध नहीं होने या जीएसटी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के आधार पर सामान को चोरी का घोषित नहीं किया जा सकता। सामान के स्रोत और चोरी से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने फर्नीचर को पिकअप वैन में रखवाकर जब्त कर लिया। फिलहाल सामान की खरीद, उसके स्वामित्व और चोरी की शिकायतों से संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। मामले में जांच के निष्कर्ष और पुलिस की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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