@शब्द दूत ब्यूरो (13 अक्टूबर 2026)
देहरादून। उत्तराखंड सरकार की ओर से सेवामुक्त अग्निवीरों को समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर लिखित और शारीरिक परीक्षा में छूट देने के निर्णय का उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल (कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र एवं विशिष्ट सेवा मेडल) ने स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए इस फैसले को अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया।
कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सेवामुक्त अग्निवीरों के पुनः रोजगार के लिए ‘उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन हेतु क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026’ को मंजूरी दी गई है। इस नियमावली के तहत निर्धारित क्षैतिज आरक्षण के साथ लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट का प्रावधान किया गया है। इससे चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद प्रदेश लौटने वाले अग्निवीरों के लिए सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर हासिल करने की राह आसान होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने अग्निवीरों के भविष्य, सम्मान और पुनर्वास को लेकर संवेदनशीलता दिखाई है। यह निर्णय सैनिकों के प्रति उनके सम्मान, समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले युवाओं को सैन्य सेवा के बाद सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
कर्नल कोठियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 17 जुलाई को देहरादून में यूथ फाउंडेशन की ओर से आयोजित युवा वीर संवाद कार्यक्रम में अग्निवीरों के पुनर्वास और सेवायोजन के लिए ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ के गठन की घोषणा की थी। इस पहल के माध्यम से चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को रोजगार उपलब्ध कराने का संकल्प व्यक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की ओर से नई नियमावली को मंजूरी मिलना इसी संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोजगार सेल की स्थापना और अब नियमावली को मंजूरी देना सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री केवल घोषणाएं करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें नीतिगत निर्णयों के माध्यम से लागू करने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है और यहां के युवाओं की सेना में भर्ती होकर देश की सीमाओं की रक्षा करने की गौरवशाली परंपरा रही है। अग्निवीरों ने भी देशसेवा के लिए अपना महत्वपूर्ण समय और ऊर्जा समर्पित की है। ऐसे में उनकी सैन्य सेवा पूरी होने के बाद उनके भविष्य की चिंता करना और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सराहनीय पहल है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं और सैनिक पुत्र होने के नाते सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा अग्निवीरों की भावनाओं और आवश्यकताओं को समझते हैं। उनके अनुसार, यह निर्णय प्रदेश के युवाओं और सैनिक परिवारों के हितों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
कर्नल कोठियाल ने विश्वास जताया कि अग्निवीर रोजगार सेल के माध्यम से सेवामुक्त अग्निवीरों के सैन्य अनुभव, कौशल और योग्यता का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार भविष्य में भी सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के कल्याण तथा उनके पुनर्वास के लिए इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
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