Breaking News

भारतीय राजनीति का अजब संयोग :लाल किले पर तिरंगा फहराने का अवसर नहीं मिला इन दो प्रधानमंत्रियों को

@शब्द दूत ब्यूरो (15 अगस्त 2026)

नई दिल्ली। भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में प्रधानमंत्री पद संभालने वाले कई ऐसे नेता रहे हैं, जिनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा। इनमें गुलजारीलाल नंदा और चंद्रशेखर दो ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिन्हें प्रधानमंत्री रहते हुए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर नहीं मिला।

जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद 27 मई 1964 को गुलजारीलाल नंदा ने देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री का पद संभाला। वे करीब 13 दिनों तक इस पद पर रहे। इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बने।

शास्त्री जी के निधन के बाद 11 जनवरी 1966 को एक बार फिर गुलजारीलाल नंदा ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इस बार भी उनका कार्यकाल करीब 13 दिन रहा और 24 जनवरी 1966 को इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह नंदा का प्रधानमंत्री के रूप में कुल कार्यकाल लगभग 26 दिन रहा।

इस छोटे कार्यकाल के कारण उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने का अवसर नहीं मिल सका।

गुलजारीलाल नंदा के बाद चंद्रशेखर देश के दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिन्हें प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर नहीं मिला।

चंद्रशेखर ने 10 नवंबर 1990 को प्रधानमंत्री पद संभाला और 21 जून 1991 तक इस पद पर रहे। उनका कार्यकाल करीब सात महीने का था, लेकिन अगस्त 1991 तक वे प्रधानमंत्री पद पर नहीं थे। इसलिए उन्हें भी प्रधानमंत्री के रूप में लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने का अवसर नहीं मिला।

भारत में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराना एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक परंपरा है। ऐसे में गुलजारीलाल नंदा और चंद्रशेखर का राजनीतिक इतिहास एक अनोखे संयोग को दर्ज करता है—दोनों प्रधानमंत्री बने, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें लाल किले से राष्ट्रध्वज फहराने का अवसर नहीं मिला।

यह तथ्य भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री पद के कार्यकाल और स्वतंत्रता दिवस के बीच बने एक दिलचस्प ऐतिहासिक संयोग को भी सामने लाता है।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

महापौर दीपक बाली के स्वच्छता अभियान पर जन की बात, किसकी जिम्मेदारी है स्वच्छ काशीपुर की? निगम के प्रयासों पर नागरिकों की खरी खरी, देखिए वीडियो

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (13 अगस्त 2026) काशीपुर। शहर की सफाई व्यवस्था …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-