@शब्द दूत ब्यूरो (29 जून 2026)
नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी अपनी ही मंत्रालय के अधीन संचालित योजना से 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी लेने को लेकर विवादों में आ गए हैं। मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हितों के टकराव का आरोप लगाया है, जबकि मंत्री ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि सब्सिडी नियमों के तहत मिली है और इसके लिए आवेदन उन्होंने मंत्री बनने से पहले किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में खीरे की आधुनिक खेती के लिए भागीरथ चौधरी को राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) की योजना के तहत 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी स्वीकृत हुई। यह योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन संचालित होती है। बताया गया है कि परियोजना की कुल लागत करीब 1.99 करोड़ रुपये है, जिस पर योजना के प्रावधानों के अनुसार सब्सिडी दी गई।
मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे भ्रष्टाचार का नया मॉडल करार दिया। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे नैतिकता से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
विवाद बढ़ने पर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि वह वर्षों से किसान हैं और आधुनिक खेती करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के लिए आवेदन वर्ष 2018 में किया गया था, जब वह मंत्री नहीं थे। उन्होंने कहा कि सब्सिडी पूरी तरह नियमानुसार मिली है और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई। उनके अनुसार, उनके फार्म पर आधुनिक खेती की तकनीकों का प्रदर्शन और किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सरकार से जवाब मांग रही है, जबकि केंद्रीय मंत्री का कहना है कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और उन्होंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है।
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