@शब्द दूत ब्यूरो (23 जून 2026)
देहरादून। कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के मामले में उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पुलिस मुख्यालय ने घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही दोनों मामलों की विवेचना चमोली से हरिद्वार जनपद स्थानांतरित कर दी है।
पुलिस मुख्यालय से जारी जानकारी के अनुसार 16 जून 2026 को जनपद चमोली के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यक्तियों के बीच विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में पहले सिख श्रद्धालुओं के विरुद्ध थाना कर्णप्रयाग में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद घायल सिख श्रद्धालु के पिता द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर 20 जून 2026 को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी थाना कर्णप्रयाग में एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस मुख्यालय ने दोनों अभियोगों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उनकी विवेचना हरिद्वार जनपद को स्थानांतरित कर दी है। इन मामलों की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निकट पर्यवेक्षण में की जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न सिख संगठनों द्वारा स्थानीय पुलिस के कथित व्यवहार और आचरण को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच भी कराई जाएगी। इसके लिए डीआईजी यशवंत सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है और उन्हें दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है तथा प्रत्येक मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष और न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी अत्यंत पवित्र यात्रा है, जिसे उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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