@शब्द दूत ब्यूरो (23 मार्च 2026)
आज सोमवार को सर्राफा बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली, जब सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स एक्सचेंज पर दोपहर के कारोबार में सोने का घरेलू वायदा भाव 10.02 फीसदी यानी 14,483 रुपये टूटकर 1,30,009 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। गौरतलब है कि 2 मार्च को सोना 1,66,074 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जिससे महज 21 दिनों में इसमें करीब 36,000 रुपये यानी 21 फीसदी से अधिक की गिरावट आ चुकी है।
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। चांदी का वायदा भाव 10.48 फीसदी यानी 23,755 रुपये की गिरावट के साथ 2,03,017 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया। 2 मार्च को चांदी 2,78,481 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जिससे अब तक इसमें 75,464 रुपये यानी करीब 27 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
यदि लंबी अवधि पर नजर डालें तो चांदी ने 29 जनवरी 2026 को 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था, जहां से अब तक यह 2,36,320 रुपये यानी करीब 54 फीसदी टूट चुकी है। वहीं सोना भी 29 जनवरी के अपने उच्चतम स्तर 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम से करीब 63,087 रुपये यानी 33 फीसदी नीचे आ चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट वैश्विक स्तर पर बने “रिस्क-ऑफ” माहौल का संकेत है, जहां निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स से भी दूरी बना रहे हैं। विभिन्न एसेट क्लासेस जैसे रियल एस्टेट, क्रिप्टोकरेंसी और शेयर बाजार में भारी बिकवाली का असर कीमती धातुओं पर भी पड़ा है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों में कटौती की सीमित संभावना ने डॉलर को मजबूत किया है, जिससे सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले निवेश कम आकर्षक हो गए हैं।
बाजार जानकारों का कहना है कि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेश घटने और लगातार आउटफ्लो बढ़ने से भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। साथ ही भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
आगे के ट्रेंड को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में गिरावट जारी रह सकती है। सोना 1,15,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल सकता है, जबकि चांदी 1,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक आ सकती है। हालांकि, इतिहास बताता है कि युद्ध या वैश्विक संकट की स्थिति में शुरुआती गिरावट के बाद बुलियन बाजार में रिकवरी भी देखने को मिलती है, जिससे साल के दूसरे हिस्से में कीमतों को सहारा मिल सकता है।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal