@शब्द दूत ब्यूरो (12 मार्च 2026)
गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में अपने विस्तृत संबोधन के दौरान स्पष्ट संकेत दिया कि राज्य सरकार हिंदुत्व और सनातन संस्कृति के संरक्षण के एजेंडे पर आगे बढ़ेगी। लगभग डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चले अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया और कहा कि सनातन संस्कृति से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि मदरसों में कट्टरपंथी और पुरानी शिक्षा पद्धति को अब बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। उनके अनुसार राज्य सरकार ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी जिससे समाज में कट्टरता या असंतुलन पैदा हो।
सीएम धामी ने अपने संबोधन में थूक जिहाद, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इन मानसिकताओं के खिलाफ कठोर कानून बनाए हैं। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण रोकने और दंगा विरोधी कानून देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी थे। सरकार का लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से मजबूत उत्तराखंड देना है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में कथित डेमोग्राफी बदलाव पर भी चिंता जताई और कहा कि घुसपैठियों को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक लगभग 12 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा चुकी है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सीएम धामी ने अवैध मजारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को भी जरूरी बताते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण या नकली मजारों का खेल देवभूमि में नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में तुष्टिकरण की राजनीति के कारण ऐसे मामलों को बढ़ावा मिला।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार मानसखंड और केदारखंड के मंदिरों व देवालयों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके साथ ही जमुना घाट के निर्माण और भविष्य में भव्य कुंभ आयोजन की तैयारी भी की जा रही है।
विधानसभा में दिए गए अपने भाषण के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संकेत दिया कि उनकी सरकार राष्ट्रवाद और सनातन संस्कृति के संरक्षण की नीति पर आगे बढ़ती रहेगी। साथ ही उन्होंने विपक्ष के साथ-साथ शासन-प्रशासन की नौकरशाही को भी सरकार की प्राथमिकताओं और नीतियों के बारे में स्पष्ट संदेश दिया।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal