@शब्द दूत ब्यूरो (19 फरवरी 2026)
नैनीताल। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय को धमकी भरा ई-मेल मिलने की सूचना से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया और न्यायालय परिसर को हाई अलर्ट पर रखा गया।
सूचना मिलते ही आईजी कुमायूँ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुँचीं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके निर्देशन में न्यायालय परिसर व आसपास के क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा लागू किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल श्री मंजूनाथ टी.सी., पुलिस अधीक्षक अपराध डॉ. जगदीश चंद्रा एवं सीएसओ राकेश बिष्ट भी न्यायालय परिसर में मौजूद रहे। आईजी कुमायूँ ने एसएसपी नैनीताल को निर्देश दिए हैं कि उच्च न्यायालय की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कर 03 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
🔍 सघन चेकिंग और एंटी-सैबोटाज जांच
न्यायालय परिसर में डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते द्वारा व्यापक जांच कराई गई। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर प्रत्येक आगंतुक की गहन तलाशी सुनिश्चित की गई है।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए स्थानीय पुलिस के अतिरिक्त एक कंपनी पीएसी और एटीएस टीम भी तैनात की गई है। अब न्यायालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों की एंट्री केवल बार एसोसिएशन नैनीताल द्वारा जारी अधिकृत पत्र के आधार पर ही होगी।
🛑 आईजी के सख्त निर्देश
- परिसर में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा लागू रहे
- सीसीटीवी की 24×7 मॉनिटरिंग
- साइबर सेल द्वारा ई-मेल की तकनीकी जांच
- बाहरी आगंतुकों का विस्तृत रजिस्टर अनिवार्य
- अफवाह या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कठोर कार्रवाई
राज्य एसटीएफ एवं केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की गहन जांच की जा रही है।
कुमायूँ पुलिस ने आमजन को आश्वस्त किया है कि न्यायालय की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं प्रतिबद्ध है।
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