@शब्द दूत ब्यूरो (14 जनवरी 2026)
काशीपुर। मां चामुंडा देवी मंदिर परिसर में उत्तरायणी मकर संक्रांति मेला समिति की ओर से पिछले 28 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे उत्तरायणी मेले की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 29वें उत्तरायणी मकर संक्रांति मेले का भव्य शुभारंभ आज विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद महापौर दीपक बाली ने किया।
इस दौरान एक भावुक करने वाला पल भी सामने आया। छोलिया नर्तकों की धुन के साथ महापौर दीपक बाली जैसे ही मंदिर के प्रवेश द्वार पर पहुंचे वहाँ मंदिर के पुजारी पूरन चंद्र कांडपाल की पत्नी ने मातृवत स्नेह के साथ उन्हें गले लगा लिया। महापौर दीपक बाली ने अपने संबोधन में इस भावुक पल का जिक्र करते हुए कहा कि वह बचपन से यहाँ मंदिर में माता के दर्शन व पूजा अर्चना करने आते रहे हैं। और मंदिर के पुजारी की पत्नी से उन्हें मातृ स्नेह मिलता रहा है।
उद्घाटन अवसर पर महापौर दीपक बाली ने कहा कि मकर संक्रांति पर्व हमारी धार्मिक आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह पर्व आध्यात्मिक होने के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्व भी रखता है। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ यह पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और जीवन दर्शन का उत्सव है। ऐसे मेलों के माध्यम से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ रही है, जो अत्यंत सुखद है।
महापौर ने मेला आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि समिति की कड़ी मेहनत से ही यह भव्य आयोजन संभव हो पाता है। उन्होंने मेले में आए सैकड़ों श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और विश्वास दिलाया कि मेला आयोजन में जहां भी उनकी आवश्यकता होगी, वे सदैव सहयोग के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा, “धर्म मेरा सनातन है और विकास मेरा शौक।” शहर के सभी धार्मिक स्थलों तक साफ-सुथरी व्यवस्थाएं और बेहतर सड़कें उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर समिति की मांग से पहले ही यहां आने वाली सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बनवाया गया है तथा विकास कार्यों की शुरुआत भी मां बाल सुंदरी मंदिर मार्ग से की गई थी।
महापौर ने शहरवासियों से स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की और स्पष्ट शब्दों में कहा कि काशीपुर में किसी भी कीमत पर गुंडागर्दी को पनपने नहीं दिया जाएगा।
महापौर दीपक बाली को रामनगर रोड से बाजे-गाजे के साथ मेला स्थल तक लाया गया, जहां मेला आयोजन समिति के पंडित पूरनचंद कांडपाल, अध्यक्ष ज्ञानेश जोशी, सचिव दीपक कुमार पांडे, मेला व्यवस्थापक सुनील टंडन सहित वासु कांडपाल, महेश चंद पांडे, हरीश भट्ट, आदित्य पांडे, निर्मला पांडे, पुष्पा रौतेला, श्रीमती लता, देव सूर्यवंशी, निर्मला कांडपाल, हरीश त्रिपाठी, जीतू कांडपाल, जयंत पांडे, नवीन जोशी, अमित जोशी, गिरीश पांडे, जगदीश जोशी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण कर बैज लगाकर उनका भव्य स्वागत किया।
मेला स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। खेल-खिलौनों और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के 22 शानदार स्टालों पर बच्चों की भारी भीड़ देखने को मिली। नगर निगम की ओर से भी दो स्टाल लगाए गए। मेले में नगर व क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु उमड़े। विभिन्न मोहल्लों, बस्तियों और स्कूलों की टीमों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। करीब 400 बच्चों, युवक-युवतियों और पर्वतीय अंचलों से आए लोक कलाकारों की टोलियों ने अपनी-अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।
मेले की पूर्व संध्या पर पर्वतीय अंचल से आई छोलिया नृत्य दल ने नगर के मुख्य बाजार में भ्रमण कर लोक संगीत की छटा बिखेरी और अनेक गणमान्य लोगों के घरों पर जाकर भी अपनी प्रस्तुति दी। छोलिया नर्तकों के माध्यम से नगरवासियों को उत्तरायणी मकर संक्रांति मेले का आमंत्रण दिया गया। मेले के उद्घाटन से पूर्व सुबह से ही चामुंडा मंदिर में पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं का भारी आवागमन शुरू हो गया था।
मेले की भव्यता ऐसी रही कि लोग इसका पूरे वर्ष इंतजार करते हैं।
उद्घाटन अवसर पर पीसीयू चेयरमैन राम मल्होत्रा, भाजयुमो प्रदेश कोषाध्यक्ष शाहनवाज, चौधरी समरपाल सिंह, सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट, बाल सुंदरी मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, अनिल मित्तल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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