@शब्द दूत ब्यूरो (07 अक्टूबर 2023)
देहरादून । सुभारती के अतुल भटनागर ,यशवर्धन, कुछ बौद्ध सहित सभी ट्रस्टी बड़ी मुश्किल में फंस गए है । हुआ यूं था कि 300 एमबीबीएस के छात्रों का भविष्य खराब करने,फर्जी एमबीबीएस की डिग्री देने पर राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार द्वारा छात्रों को शिफ्ट किया गया था ।
बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश दिए थे कि छात्रों की फीस एवम सिक्योरिटी राशि तत्काल वापस करे । जो आज 5 साल बीतने पर भी सुभारती ने वापिस नही की है । और राज्य सरकार को भी 72 करोड़ रुपए फर्जीवाड़ा करने पर राज्य सरकार द्वारा लगाई गई पेनल्टी का भुगतान भी गौतम बुद्ध सुभारती मेडिकल कॉलेज को करना है ।अब छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में कंटेंप्ट याचिका दायर कर फीस एवम सिक्योरिटी आज तक वापिस नही करने की गुहार लगाई है जिस पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है।
सुभारती ट्रस्ट पर विभिन्न बैंको सहित, छात्रों और राज्य सरकार समेत अरबों रुपए की देनदारी है और दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार ने भी फर्जी रूप से अपने को अल्पसंख्यक संस्थान बता कर मेडिकल छात्रों से मनमानी फीस वसूलने और अब वापस करने के आदेश दिए है अन्यथा मान्यता निरस्त करने की संस्तुति को लिखा है यानी सुभारती अपनी समस्त संपत्ति भी बेच दे तो सारा कर्जा नही। चुका पाएगा । अब देखना यह है कि पहले कौन वसूलने में बाजी मारता है ।
देखे आदेश :
सुभारती ने कॉलेज को बेचने का प्रस्ताव बाजार में दिया है ।
कई प्रॉपर्टी डीलर ग्राहक ढूंढ रहे हैं। पर बड़ा सवाल यह उठता है कि सुभारती वालो के पास जमीन का स्वामित्व नही है। उसके आज भी मालिक पूर्व ट्रस्टी है तथा विभिन्न विवाद विभिन्न न्यायालयों में लंबित है। सुभारती ट्रस्ट कंगाली के कगार पर आ गया है और देहरादून और मेरठ में तनख्वाह के लाले पढ़े है ।
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