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एक्सक्लूसिव काशीपुर :जोशीमठ की तर्ज पर काशीपुर में भी है खतरे की जद में कई मकान, पढ़िए खास रिपोर्ट

@शब्द दूत ब्यूरो (15 जनवरी 2023)

काशीपुर । जोशीमठ में लंबे समय से इस आपदा भू वैज्ञानिक जिस आशंका को व्यक्त कर रहे थे आखिरकार वह सच साबित हुई। लोगों को अपने आशियानों को अपनी आंखों के सामने उजड़ते देखने की पीड़ा से गुजरना पड़ रहा है।

क्या आने वाले समय में काशीपुर में जोशीमठ जैसी त्रासदी से लोगों को गुजरना पड़ सकता है? ये सवाल आपको बेमानी लग सकता है। जोशीमठ को लेकर उठ रहे सवालों को भी समय रहते अगर जबाब तलाश लिया जाता तो आज ये दुखद स्थिति न होती। काशीपुर में ऐसे कई स्थान हैं जहाँ ये आशंका उठने लगी है। यहाँ कई तालाबों को पाटकर बनाई गई कालोनियां उसी मुहाने पर खड़ी हैं। शहर के बीचोंबीच कटोराताल को पाटकर बनाई कालोनी में भी कुछ समय बाद ये हालात पैदा हो सकते हैं।

अनियोजित विकास सिर्फ धन कमाने का जरिया बन गया है। एक समय था जब काशीपुर में कटोराताल में कई फीट गहरी झील सी होती थी। कालांतर में इस भरे पूरे तालाब को पाट दिया गया और यहाँ दर्जनों मकान बन गये हैं। भौतिक सुख सुविधाओं के लिए प्रकृति से खिलवाड़ का यह जीता जागता उदाहरण है जो आने वाले समय में शहर की त्रासदी बन सकता है।

कटोराताल के अलावा अन्य अनेक ऐसे उदाहरण शहर में मौजूद हैं जहाँ इस तरह का अनियोजित और घातक विकास हुआ है। ढेला नदी के किनारे बसाई गई कालोनियां भी खतरे की जद में हैं। स्थानीय प्रशासन और विकास प्राधिकरण की ये जिम्मेदारी है कि अंधाधुंध तरीके से भविष्य की कठिनाइयों को नजरअंदाज कर इस तरह की कालोनियों को विकसित करने पर रोक लगाई जाए वर्ना समय आने पर सरकारों को मुआवजा देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

   

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