अल्मोड़ा। पति-पत्नी और वो की लड़ाई इस बार सियासत से जुड़ी हाई प्रोफाइल मामले की है। अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर से विधायक और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति पर ही कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसमें उन्होंने अपने पति पर धोखे से शादी करने का आरोप भी लगाया है। वह भी तब जब बाल विकास और महिला सशक्तीकरण मंत्री की शादी को 22 साल पूरे हो चुके हैं।
हाई प्रोफाइल परिवारिक लड़ाई ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी पारा एक बार फिर गर्म कर दिया है। इस विवाद के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू और उनकी कथित पत्नियों के बारे में विवाद नया नहीं है। जब भी कोई चुनाव होता है उस समय यह मामला तूल पकड़ने लगता है। तब बचाव में भी रेखा आगे नजर आतीं थीं। लेकिन इस बार रेखा आर्य ने अपने ही पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
एफआईआर में मंत्री ने पति पर पहली शादी की बात छिपाकर विवाह करने, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, मारपीट, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में एक ऑडियो रिकार्डिंग हासिल होने का हवाला देते हुए अपनी और नाबालिग बच्चों की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
पहली शादी और बच्चों का भी है आरोप
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की पहली पत्नी से पुत्र रिंकू साहू है। जनवरी 2022 में पहली पत्नी से रिंकू को अपना पुत्र बताया था। रिंकू साहू बरेली में साहू समाज की राजनीति में सक्रिय थे। उनके खिलाफ एक सम्मेलन में बिना अनुमति भीड़ जुटाने के आरोप में एफआईआर दर्ज होने की भी रिपोर्ट हुई थी।
किडनी केस में आया था पहली पत्नी का नाम
गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली पत्नी के रूप में वैजयंती माला का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि नरेश चंद्र गंगवार ने उनकी पत्नी को किडनी दान की थी। वहीं नरेश गंगवार ने जबरन किडनी निकाले जाने को लेकर शिकायत की थी। उस समय आरोपों को नकारते हुए गिरधारी ने सहमति से किया गया दान बताया था और बाद में मामला ठंडा पड़ गया।
साहू के पूर्व में भी सामने आ चुके हैं कई विवाद
साहू के संबंध में सितंबर 2024 में बरेली में एक विवाद सामने आया था। तब मंत्री रेखा आर्य ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि कल्पना मिश्रा नाम की महिला ने आधार कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों में गिरधारी लाल साहू को अपना पति बताया है। तब इस मामले में पुलिस ने कल्पना के विरुद्ध शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विधायक के बाद अब मंत्री फूट-फूट कर रोईं
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पूर्व विधायक व मंत्रियों के जिस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, उससे हालात चिंताजनक भी दिख रहे हैं। बीते बुधवार को हल्द्वानी के कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने प्रेसवार्ता कर अपनी व परिवार के सदस्यों की जान को खतरा बताया था।
सुमित ने डेढ़ साल से उनके व स्वजन के फोन टैप करने और आगे एआई का प्रयोग कर हैकर्स गिरोह की बड़ी साजिश का भी अंदेशा जताया है। इस प्रकरण में पुलिस की ओर से जांच न करने का आरोप लगाते हुए सुमित मीडिया के सामने ही रो पड़े, उन्होंने गैरसैंण सत्र के दौरान आत्मदाह की चेतावनी भी दी है।
इधर एक दिन बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने फूट-फूट कर रोते हुए पति पर जिस तरह के आरोप लगाए हैं। उससे लोग कह रहे हैं कि उत्तराखंड की राजनीति में यह कैसी स्थिति आ गई है। मंत्री-विधायक भी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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