@शब्द दूत ब्यूरो (02 जून 2026)
उधम सिंह नगर। जिले में सरकारी भूमि पर विकसित हुई पहाड़गंज बस्ती के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने अवैध रूप से निर्मित 199 भवनों को ध्वस्तीकरण नोटिस जारी करते हुए निर्धारित अवधि के भीतर भूमि खाली करने के निर्देश दिए हैं। अवधि समाप्त होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार रुद्रपुर क्षेत्र के पहाड़गंज में नजूल एवं अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे कर कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। जांच के दौरान बड़ी संख्या में अवैध निर्माण सामने आए, जिसके बाद जिला विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की।
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि जिलाधिकारी नितिन भदौरिया के निर्देश पर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 350 अवैध निर्माणों के विरुद्ध पूर्व में चालान की कार्रवाई की गई थी। सुनवाई के बाद करीब 200 मामलों में ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किए गए, जिनमें से 199 भवनों पर नोटिस तामील करा दिए गए हैं।
प्रशासन ने यह भी पाया कि अधिकांश भवनों में विद्युत कनेक्शन लगे हुए हैं। अब इन कनेक्शनों की वैधता की जांच की जाएगी। ध्वस्तीकरण से पूर्व विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति भी हटाई जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र के कुछ निवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा बाहरी लोगों को सरकारी भूमि पर बसाने और भूखंडों की अवैध बिक्री का कार्य किया गया। इन आरोपों की जांच के लिए समिति गठित किए जाने की बात भी कही गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि का संरक्षण प्राथमिकता है और राजकीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। उधम सिंह नगर के किच्छा, जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, रुद्रपुर और गदरपुर क्षेत्रों में भी अवैध कॉलोनियों की शिकायतों की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और भू-माफिया गतिविधियों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर ऐसे मामलों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
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