Breaking News

हल्द्वानी रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला: सुप्रीम कोर्ट में 14 नवंबर को अहम सुनवाई, राज्य सरकार और रेलवे ने पूरी की तैयारी

@शब्द दूत ब्यूरो (13 नवंबर 2025)

हल्द्वानी। तीन साल से चल रहे हल्द्वानी रेलवे भूमि और नगर निगम क्षेत्र में अतिक्रमण से जुड़े बहुचर्चित मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कल 14 नवंबर को सुनवाई होगी। इस प्रकरण में रेलवे और नगर निगम अपनी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की मांग कर चुके हैं, जबकि कब्जेदारों ने सुप्रीम कोर्ट में राहत के लिए याचिका दायर की थी।

रेलवे ने पूर्व में सर्वोच्च न्यायालय को बताया था कि उसे वंदे भारत एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों के संचालन के लिए भूमि की आवश्यकता है, किंतु अतिक्रमण के कारण रेल योजनाओं का विस्तार रुका हुआ है। साथ ही गौला नदी के कटाव से रेलवे ट्रैक को खतरा भी बना हुआ है। रेलवे का दावा है कि बनभूलपुरा क्षेत्र में लगभग 30 एकड़ भूमि उसकी है, जिस पर वर्षों से अवैध कब्जे हैं। नगर निगम भी इस भूमि पर अपने स्वामित्व का दावा करता रहा है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित हुई थी, परंतु विरोध और प्रशासनिक चूक के चलते यह संभव नहीं हो सकी। इसके बाद प्रभावितों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। मामले में अब 4365 मकानों को अतिक्रमण की श्रेणी में बताया गया है।

सुनवाई से पूर्व राज्य सरकार और रेलवे दोनों पक्षों ने कानूनी तैयारी पूरी कर ली है। कब्जेदारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और प्रशांत भूषण पैरवी करेंगे, जबकि राज्य सरकार ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से विधिक राय मांगी है। आईएएस विशाल मिश्रा, परितोष वर्मा और पंकज उपाध्याय को नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जिन्होंने दिल्ली में अधिवक्ताओं से रणनीति पर चर्चा की है। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता अभिषेक अत्रे पक्ष रखेंगे।

पूर्व में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रेलवे और राज्य प्रशासन ने संयुक्त सर्वे कर भूमि की स्थिति का अद्यतन रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसके साथ ही सरकार ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रस्ताव भी तैयार किया है, जिसे अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि बनभूलपुरा अतिक्रमण प्रकरण में राज्य सरकार गंभीरता से पैरवी कर रही है। उनका कहना है कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा, तब तक रेलवे के विकास प्रोजेक्ट हल्द्वानी तक नहीं पहुंच पाएंगे।

कल की सुनवाई पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका फैसला न केवल अतिक्रमण मुक्त अभियान बल्कि हल्द्वानी के रेल विकास परियोजनाओं के भविष्य को भी तय करेगा।

Check Also

बड़ी खबर : रामनगर में अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई शुरू, कोसी नदी किनारे पुछड़ी बस्ती में मस्जिद–मदरसे–मजारें तक किए गए ध्वस्त

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (07 दिसंबर 2025) देहरादून/नैनीताल। रामनगर पालिका क्षेत्र से …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-