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हिमाचल की बगावत से दिल्ली में बढ़ी बेचैनी, खरगे-राहुल-प्रियंका घुमा रहे फोन

@शब्द दूत ब्यूरो (28 फरवरी 2024)

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार पर आफत आई है. राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कुर्सी खतरे में है. इसी बीच, PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बड़ा झटका देते हुए सरकार से इस्तीफा दे दिया. विक्रमादित्य सिंह पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे हैं. विक्रमादित्य से पहले कांग्रेस के 6 विधायकों ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ाई थी. उन्होंने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन के लिए वोट किया. 3 निर्दलीय विधायक का वोट भी हर्ष महाजन के पक्ष में पड़ा. राज्य में बढ़ी सियासी हलचल तेज को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान एक्टिव है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संपर्क में हैं. राहुल इस वक्त लंदन में हैं. खरगे ने कल यानी मंगलवार को उनसे बात की थी. मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल लगातार आपस में चर्चा कर रहे हैं. खरगे डीके शिवकुमार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भी संपर्क में हैं. बता दें कि शिवकुमार और हुड्डा को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है. दोनों नेता शिमला में हैं.

सीएम सुक्खू ने की इस्तीफे की पेशकश

हिमाचल सरकार पर आई संकट के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस्तीफे की पेशकश की है. शिमला पहुंचे पार्टी के केंद्रीय ऑब्जर्वर डीके शिवकुमार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा को उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की है. लगातार नाराज विधायकों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की. लेकिन अब तक राज्यपाल को कोई इस्तीफा नहीं भेजा गया है.

केंद्रीय ऑब्जर्वरों के सामने सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रोहित ठाकुर, जगत नेगी और हर्षवर्धन अपने करीबी इन तीन विधायकों के नामों का सुझाव अगले मुख्यमंत्री के तौर पर दिया. सुक्खू को बदलने का फैसला कल यानी मंगलवार रात ही सुक्खू से बात करके ले लिया गया था. दरअसल, आलाकमान पहले पुख्ता कर लेना चाहता है कि सुक्खू को बदलने पर सरकार बची रहे. इसी पर सारी माथापच्ची हो रही है.

हिमाचल सरकार पर क्यों आया संकट?

दरअसल, हिमाचल प्रदेश में हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को बीजेपी के हर्ष महाजन के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा. अभिषेक मनु सिंघवी की हार की वजह कांग्रेस के 6 विधायक रहे. उन्होंने बीजेपी के पक्ष में वोट किया. 3 निर्दलीय विधायकों ने भी हर्ष महाजन के लिए वोट किया. कांग्रेस के बागी विधायकों में रवि ठाकुर भी हैं. उन्होंने बीजेपी के साथ जाने का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस विधायकों के बागी होने के बाद बीजेपी नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार अल्पमत में है. उसे सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है.

जयराम रमेश ने बुधवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से भी मुलाकात की. विधानसभा अध्यक्ष की भी आज राज्यपाल से मुलाकात हुई. आज यानी बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा भी हुआ, जिसके बाद स्पीकर ने बीजेपी के 15 विधायकों को सस्पेंड कर दिया, जिसमें जयराम ठाकुर भी हैं.

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