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काम की बात:भाद्रपद (भादों) माह के प्रमुख व्रत, त्यौहार

@शब्द दूत ब्यूरो (04 सितंबर 2023)

1- संकष्टी बहुला श्रीगणेश चतुर्थी व्रत-
3 सितम्बर रविवार को चंद्रोदय रात्रि – 08:37 मि. पर 

2 – हलषष्ठी (ललही छठ) व्रत –
5 सितम्बर मंगलवार को पूजन का समय मध्यान्ह दिन – 11: 00 मि. से 3:00 मि. तक।

3 – श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत –
6 सितम्बर बुधवार निशीथ (मध्यरात्रि) काल में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पूजन का समय रात्रि – 10:30 मि. से रात्रि – 12:30 मि. तक।
रात्रि पर्यन्त कीर्तन भजन (मंत्र यंत्र तंत्र की सिद्धि का दुर्लभ काल)।

4 – जया एकादशी व्रत-
10 सितम्बर रविवार को जया एकादशी व्रत सबके लिए प्रशस्त है।पारण – 11 सितम्बर को प्रातः – 6:30 मि. के बाद से मध्यान्ह के पूर्व तक करें।

5 – प्रदोष व्रत-
12 सितम्बर मंगलवार को प्रदोष व्रत रहेगा।

6 – मास शिवरात्रि व्रत-
13 सितम्बर बुधवार को मासशिवरात्र व्रत है।

7 – कुशोत्पाटिनी अमावस्या-
14 सितम्बर बृहस्पतिवार को
स्नान दान तथा श्राद्ध की अमावस्या है।पिठौरी अमावस्या।
इसी दिन “ॐ हुं फट्” इस मंत्र से कुशा ग्रहण करना चाहिए।इसदिन का लाया हुआ कुशा एक वर्ष तक के लिए पूजनादि कार्य में प्रयुक्त होता है।

8 – विश्वकर्मा पूजा-
17 सितम्बर रविवार को विश्वकर्मा पूजा।

9 – हरितालिका तृतीया (तीज या तीजा) व्रत-
18 सितम्बर सोमवार को प्रदोषकाल में सायंकाल – 05:45 मि. से 6:30 मि. तक पूजन क उत्तम समय है।
रात्रि पर्यन्त कीर्तन भजन इत्यादि।

9 – गणेशोत्सव-
19 सितम्बर मंगलवार को दस दिवसीय श्रीगणेशोत्सव प्रारंभ।
पूजा का समय प्रातः से दिन – 10:५७ मि. तक।

10 – ऋषिपंचमी व्रत पूजन –
20 सितम्बर बुधवार को
मध्यान्ह काल दिन – 10:51 मि. तक सप्तर्षि पूजन के लिए उपयुक्त समय रहेगा।

11 – लोलार्क षष्ठी व्रत-
21 सितम्बर बृहस्पतिवार को लोलार्क षष्ठी।भगवान सूर्य की पूजा लोलार्क कुंड वाराणसी में स्नान।

12 – संतान सप्तमी एवं राधाष्टमी व्रत तथा सोलह दिवसीय महालक्ष्मी व्रतारंभ-
22 सितम्बर शुक्रवार को संतान के मंगल के लिए व्रत पूजा।
तथा मध्याह्न व्यापिनी अष्टमी में श्री राधा जी का जन्मोत्सव।
दरिद्रता निवारक सोलह दिवसीय महालक्ष्मी व्रतारंभ।

14 – महारविवार (बड़का इतवार ) एवं दशावतार व्रत-
24 सितम्बर रविवार को महारविवार एवं दशावतार व्रत है इस दिन बिना नमक के भोजन करना चाहिए।
सूर्य नारायण का पूजन करना चाहिए।

15- पद्मा एकादशी व्रत-
25 सितंबर सोमवार को पद्मा नामक एकादशी का व्रत सबका।
एकादशी व्रत का पारण 26 सितम्बर मंगलवार को दिन – 07:40 मि. से 8:30 मि. तक में पारण करें।

16 – प्रदोष व्रत-
27 सितम्बर बुधवार को प्रदोष व्रत रहेगा।

17 – अनन्त (अनन्ता) चतुर्दशी व्रत-
28 सितम्बर बृहस्पतिवार अनन्त चतुर्दशी को मध्यान्ह काल में 2 बजे अनंत भगवान के पूजन का उत्तम समय रहेगा।

18 – व्रत की पूर्णिमा –
28 सितम्बर बृहस्पतिवार को ही व्रत की पूर्णिमा है।

19 – महालयारम्भ (पितृपक्ष प्रारंभ)-
29 सितम्बर शुक्रवार को महालय,पितृपक्ष का शुभारंभ होगा आज से ही पितरों के लिए तर्पण किया जाता है।

आचार्य धीरज द्विवेदी जी “याज्ञिक”

 

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