Breaking News

चारधाम यात्रा के पवित्र स्थल केदारनाथ में लगा कूड़े का ढेर, एक्सपर्ट ने विनाशकारी आपदा का जिक्र कर चेताया

@शब्द दूत ब्यूरो (22 मई, 2022)

उत्तराखंड स्थित चार धाम यात्रा में इस साल तीर्थयात्रियों की संख्या में खासी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। दो साल के अंतराल के बाद तीर्थयात्रियों के लिए फिर से खोले गए चार धाम में लाखों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। केदारनाथ सहित बाकी तीनों धामों के पवित्र स्थलों के मार्ग प्लास्टिक सहित सभी प्रकार के कचरे से अटे पड़े हैं। नतीजतन पवित्र स्थल कचरे के ढेर में तब्दील होते नजर आ रहे हैं।

गढ़वाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग के प्रमुख प्रोफेसर एमएस नेगी ने कहा, “जिस तरह से केदारनाथ जैसे संवेदनशील स्थान पर प्लास्टिक कचरा ढेर लग गया है, वह हमारी पारिस्थितिकी के लिए खतरनाक है। इससे क्षरण होगा जो भूस्खलन का कारण बन सकता है। हमें 2013 की त्रासदी को ध्यान में रखना चाहिए और सावधान रहना चाहिए।”

प्रो. नेगी जून 2013 में उत्तराखंड में बादल फटने का जिक्र कर रहे थे, जिसके कारण विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन आया था। जो कि भारत की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक थी। हाई एल्टीट्यूड प्लांट फिजियोलॉजी रिसर्च सेन्टर (HAPPRC) के निदेशक प्रो. एमसी नौटियाल के अनुसार, “पर्यटकों की आवाजाही अब कई गुना बढ़ गई है, जिसके कारण प्लास्टिक कचरा बढ़ गया है क्योंकि हमारे पास उचित स्वच्छता सुविधाएं नहीं हैं।” कोविड-19 महामारी के कारण पिछले दो वर्षों से चार धाम यात्रा नहीं हुई थी।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

छात्र आंदोलन से खुली कलई के बाद एनटीए में 47 बर्खास्तगी और नई भर्तियां, संविदा के भरोसे पर थी महत्वपूर्ण परीक्षा व्यवस्था, आखिर युवाओं के भविष्य के साथ यह प्रयोग कब तक?

🔊 Listen to this @विनोद भगत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में 47 अधिकारियों को हटाए …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-