@शशांक राणा
जोशीमठ । सुमना में ग्लेशियर टूटने की सूचना के बाद शासन प्रशासन नजर रखे हुए हैं। हालांकि अभी भी वहाँ से विस्तृत जानकारी नहीं मिली है। ग्लेशियर टूटने की वजह से वहाँ संपर्क नहीं हो पा रहा है। नुकसान का भी आंकलन राहत एजेंसियों के मौके पर पहुचने के बाद ही पता चल पायेगा।
सीमा सड़क संगठन के अधिकारी मौके से संपर्क बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। मौसम बिगड़ने की वजह से मौके पर पहुंच पाने में काफी दुश्वारियां आ रही है। बारिश काफी तेज हो रही है बीती अर्द्धरात्रि तक यही स्थिति बनी हुई है। सेंट्रल कमांड आर्मी को रेस्क्यू ऑपेरशन शुरू करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नीती घाटी के सुमना में ग्लेशियर टूटने की सूचना मिली है। इस संबंध में मैंने एलर्ट जारी कर दिया है। मैं निरंतर जिला प्रशासन और बीआरओ के सम्पर्क में हूँ।
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) April 23, 2021
उधर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ग्लेशियर टूटने की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिये हैं और वह खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जानकारी मिल रही है कि घटनास्थल पर मजदूर रोड कटिंग के काम में लगे हुये थे। उनके साथ क्या हुआ इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। वहां बातचीत कर पाना संभव नहीं हो रहा है।
राष्ट्रीय आपदा राहत प्रबंधन के मुताबिक ग्लेशियर टूटने के बाद रैणी में ऋषिगंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है जिससे स्थिति चिंताजनक बन गई है। हालांकि जान माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
उधर ग्लेशियर टूटने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं दरअसल फरवरी माह में हुई घटना को याद कर उनके रोंगटे खड़े हो रहे हैं। ग्लेशियर टूटने का कारण भारी बारिश व बर्फबारी बतायी जा रही है।
एनटीपीसी एवं अन्य परियोजनाओं में रात के समय काम रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। वे नहीं चाहते कि इस घटना के बाद कोई दूसरा बड़ा हादसा हो जाए।
इलाके की संवेदनशीलता को समझते हुए एजेंसिया जल्द से जल्द मौके पर पहुंच नुकसान का जायजा लेना चाहती है। 

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