देहरादून। जहां एक ओर विश्व भर में ई-कचरा सिरदर्दी का सबब बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर देहरादून के आईटी पार्क में कचरे के निपटारे को लेकर एक ऐसा अनोखा प्रयोग किया गया है कि देखने वाले अपने दांतों तले जीभ दबा लेते हैं।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के आईटी पार्क स्थित सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) में ई-कचरे से बनी हुई एक कैंटीन तैयार की गई है। कई महीने की कड़ी मेहनत के बाद आईटीडीए के परिसर में यह कैंटीन तैयार की गई है। इसकी छत करीब एक लाख खराब डीवीडी और सीडी से तैयार की गई है।
कंप्यूटर के मॉनिटर का उपयोग करके कैंटीन के भीतर स्टॉल बनाया गया है। कैंटीन की चारदीवारी भी खराब हुई बैटरियों से बनाई गई है। छत पर पंखों के बजाय सीपीयू में इस्तेमाल होने वाले कूलिंग फैन को जोड़कर बड़ा पंखा बनाया गया है। बैठने के लिए भी सीपीयू और दूसरे कंप्यूटर पार्ट्स की बॉडी का इस्तेमाल किया गया है।
बता दें कि आईटीडीए ने ई-कचरे के निस्तारण को लेकर प्रदेशभर से सुझाव भी मांगे थे। करीब 60 लोगों ने ई-कचरे के निस्तारण के सुझाव भेजे थे। ई-कचरे से कैंटीन बनाने का मकसद यह है कि प्रदेशभर में लोगों को ई-कचरे के इस तरह से निस्तारण की सीख मिले।






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