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जलभराव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सख्त, सीएम, मेयर व नगर आयुक्त को लिखा पत्र; स्थायी समाधान के निर्देश, नगर निगम के दावों पर सवाल उठे

इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक उपाय किए जाएंगे। बारिश के पानी की तेजी से निकासी के लिए नई पाइपलाइन, आपस में जुड़ी नालियों और उपयुक्त निकास मार्गों की व्यवस्था करने की योजना है।

@शब्द दूत ब्यूरो (17 अगस्त 2026)

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में बारिश के बाद बार-बार होने वाले जलभराव को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चिंता जताई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, अहमदाबाद के महापौर और नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर समस्या का स्थायी और सुनियोजित समाधान तलाशने का आग्रह किया है।

अमित शाह के संसदीय क्षेत्र गांधीनगर के अंतर्गत आने वाले अहमदाबाद के बोपाल, अंबली, घुमा और शेला सहित नए शहरी इलाकों में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आती रही है। हाल में हुई बारिश के दौरान करीब 18 इंच बारिश दर्ज होने के बाद इन क्षेत्रों में पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

इन इलाकों को वर्ष 2021 में अहमदाबाद नगर निगम की सीमा में शामिल किया गया था। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच यहां की जल निकासी व्यवस्था अपेक्षाकृत कमजोर होने के कारण भारी बारिश में जलभराव की समस्या बार-बार सामने आती है। इसी को देखते हुए अमित शाह ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने को कहा है।

अमित शाह के निर्देश के बाद अहमदाबाद नगर निगम ने पूरे क्षेत्र का हाइड्रोलॉजिकल सर्वे कराया है और क्षेत्रवार वर्षाजल निकासी का मास्टर प्लान तैयार किया है। योजना के तहत उन क्षेत्रों में नया स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जहां फिलहाल पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक उपाय किए जाएंगे। बारिश के पानी की तेजी से निकासी के लिए नई पाइपलाइन, आपस में जुड़ी नालियों और उपयुक्त निकास मार्गों की व्यवस्था करने की योजना है। बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए गोटा-गोधावी नहर और साबरमती नदी के किनारे मौजूद ड्रेनेज सिस्टम से भी नेटवर्क को जोड़ने की योजना तैयार की गई है।

नगर निगम की ओर से तैयार की गई योजना का उद्देश्य बोपाल, अंबली, घुमा और शेला क्षेत्र में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव को केवल अस्थायी तौर पर दूर करना नहीं, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक जल निकासी व्यवस्था विकसित करना है। अधिकारियों के मुताबिक, योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से काम पूरा होने पर आने वाले वर्षों में इन इलाकों के लोगों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।

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