जांच के दौरान पुलिस ने दो पूर्व हेड कांस्टेबलों की भूमिका को संदिग्ध बताया, लेकिन दोनों कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है।
@शब्द दूत ब्यूरो (19 जून 2026)
लखीमपुर खीरी में पुलिस मालखाने से एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोने के आभूषण गायब होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में पुलिस ने अदालत को बताया कि मालखाने में रखा सोना नमी और बारिश के प्रभाव से खराब हो गया था, लेकिन अदालत ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस अभिरक्षा में रखी गई बहुमूल्य संपत्ति का गायब हो जाना सामान्य लापरवाही नहीं, बल्कि डकैती और गंभीर कदाचार जैसा मामला प्रतीत होता है।
जानकारी के अनुसार, एक आपराधिक मामले में बरामद किए गए सोने के आभूषण पुलिस ने मालखाने में जमा कराए थे। बाद में जब संबंधित पक्ष ने न्यायालय के आदेश पर आभूषण वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की तो पता चला कि सोना गायब है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि मालखाने में रखे सामान को बारिश और नमी से नुकसान पहुंचा था, जिससे सोने के आभूषणों के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
अदालत ने पुलिस के इस स्पष्टीकरण पर कड़ी नाराजगी जताई। न्यायालय ने कहा कि यदि पुलिस संरक्षण में रखा गया माल ही सुरक्षित नहीं रह सकता तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता है। अदालत ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर मानते हुए इसे डकैती और घोर कदाचार की श्रेणी का मामला बताया।
मामले में पहले एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। जांच के दौरान पुलिस ने दो पूर्व हेड कांस्टेबलों की भूमिका को संदिग्ध बताया, लेकिन दोनों कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद गायब हुए आभूषणों का रहस्य अब तक नहीं सुलझ पाया है और पीड़ित पक्ष को न तो जेवर वापस मिले हैं और न ही उचित मुआवजा।
इस घटना ने पुलिस मालखानों में जब्त संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत की सख्त टिप्पणियों के बाद अब यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता का भी विषय बन गया है।
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